धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी में संविदा भर्ती मामले की जांच करने का निर्देश,कुलपति ने कुलसचिव को दिए आदेश

जबलपुर: धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी में वर्ष 2021 में हुई संविदा लिपकीय वर्ग पर नियुक्ति को लेकर जांच के आदेश हो गए है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर इस भर्ती को मनमाने तरीके से करने के आरोप है। उस वक्त प्रभारी कुलसचिव जलज गोटियां पर गलत तरीके से भर्ती प्रक्रिया करने का आरोप लगा है। कुलगुरू ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए कुलसचिव को जांच करने के निर्देश दिए है।
क्या है मामला- संविदा में पर्सनल असिस्टेंट का एक पद धर्मशास्त्र नेशनल यूनिवर्सिटी के द्वारा जारी हुआ। इस विज्ञापन में अधिनियम के अनुसार न योग्यता का उल्लेख हुआ ना ही उम्र सीमा प्रकाशित हुई। जिस व्यक्ति की पद पर नियुक्ति की गई है वह भी आउटसोर्स पर पूर्व से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहा था। ऐसा लग रहा है कि विशेष को उपकृत करने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए प्रक्रिया को किया गया। भर्ती में सिर्फ साक्षात्कार की प्रक्रिया हुई शेष प्रक्रिया नहीं की गई। इसके अलावा पे ग्रेड भी अधिक रखा गया। इस मामले को लेकर शिकायत कई बार हुई लेकिन किसी स्तर पर कोई कार्रवाही नहीं हुई । शिकायकर्ता ने परेशान होकर मामले को सार्वजनिक किया।
आउटसोर्स के अनुबंध में भी धांधली- धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी में आउटसोर्स अनुबंध को लेकर धांधली का आरोप लगाया गया है। नियम के अनुसार आउटसोर्स के लिए अधिकतम तीन साल के लिए अनुबंध हो सकता है लेकिन विश्वविद्यालय में आउटसोर्स से कार्यरत लिपिक वर्ग की अनुबंधित एजेंसी पिछले सात साल से निरंतर सेवाएं दे रही है। अभी तक एजेंसी के साथ नया अनुबंध नहीं किया गया है। इतना ही नहीं चहेतों को उपकृत करने के लिए मप्र शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से दोगुनी राशि देकर लिपकीय वर्ग के लोगों को भुगतान किया जा रहा है।
कुलगुरू की तरफ से वर्ष 2021 में हुई संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया के संबंध में जांच करवाने के निर्देश मिले हैं। इसकी जांच करवाकर रिपोर्ट कुलगुरू को दी जाएगी। यह प्रकरण हमारे कार्यकाल का नहीं था इसलिए फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं होगा।
डा.प्रवीण त्रिपाठी, प्रभारी कुलसचिव धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी







