पारिवारिक कलह और बच्चों से दूरी ने ली कारोबारी की जान, दुकान में फांसी लगाकर की आत्महत्या

पारिवारिक कलह और बच्चों से दूरी ने ली कारोबारी की जान, दुकान में फांसी लगाकर की आत्महत्या
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बैरागढ़ इलाके में रविवार तड़के एक किराना कारोबारी ने अपनी ही दुकान में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक का शव दुकान के भीतर फंदे पर लटका मिला, जिसे देख परिजनों के होश उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, हालांकि परिजनों ने तलाक के बाद बच्चों से अलगाव और मानसिक तनाव को आत्महत्या का संभावित कारण बताया है।
पुलिस के अनुसार, नीलकंठ कॉलोनी शिव मंदिर के पास निवासी 41 वर्षीय उमेश कुमार खत्री, पिता हेमंत कुमार खत्री, किराना दुकान चलाने के साथ ही एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट का काम भी करते थे। रविवार सुबह जब उनके भाई अजीत दुकान की ओर गए, तो उन्होंने उमेश का शव फंदे पर लटका देखा। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और परिजन जमा हो गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तलाक के बाद डिप्रेशन में थे उमेश
परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उमेश की शादी साल 2007 में हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के चलते 2016 में पत्नी से तलाक हो गया था। उनके दो बच्चे हैं, जो वर्तमान में अपनी मां के साथ रहते हैं। बताया जा रहा है कि तलाक के बाद से ही उमेश अकेलेपन और बच्चों से दूर रहने के कारण गहरे अवसाद में थे।
बैरागढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और दोपहर बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हम मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि ठोस कारणों का पता लगाया जा सके।







