लापरवाह ठेकेदारों पर सख्ती: ब्लैकलिस्टिंग और एफआईआर के निर्देश
जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के कड़े तेवर

लापरवाह ठेकेदारों पर सख्ती: ब्लैकलिस्टिंग और एफआईआर के निर्देश
जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के कड़े तेवर
कटनी,यशभारत।जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही अब महंगी पड़ सकती है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि धीमी प्रगति और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और गंभीर मामलों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
हर घर जल लक्ष्य पर जोर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे में कार्यों में शिथिलता या लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
हैंडपंप सुधार और नल-जल योजनाओं पर फोकस
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं को तत्काल ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए। साथ ही खराब और कम जलस्तर वाले हैंडपंपों की मरम्मत और गहराई बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। जिले में 166 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं, जबकि 402 हैंडपंपों का जलस्तर कम हो चुका है।
कंट्रोल रूम सक्रिय, शिकायतों का त्वरित समाधान जरूरी
गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला, अनुविभाग और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया।
जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर से आपूर्ति
बहोरीबंद और रीठी विकासखंड के उन गांवों में, जहां गर्मी में जल स्रोत सूख जाते हैं, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
योजनाओं की प्रगति: कई पूर्ण, कई निर्माणाधीन
अधिकारियों के अनुसार जिले के 893 गांवों में से 469 गांवों में नल-जल योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 333 योजनाएं ग्राम पंचायतों को सौंपी जा चुकी हैं, 187 योजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि 26 योजनाएं जल स्रोत के अभाव में शुरू नहीं हो पाई हैं।







