मध्य प्रदेशराज्य

दोहरे हत्याकांड का खुलासा : मृतिका का भाई निकला हत्यारा : 6 आरोपी पुलिस गिरफ्त में, बेटे की शादी के लिए पैसों व जेवरात देने से मना करने पर दिया वारदात को अंजाम

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गोटेगांव/नरसिंहपुर । नरसिंहपुर में हुए दोहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतका के भाई ने ही इस घटना को अंजाम दिया था l

एक बच्ची द्वारा एक शव पड़ा हुआ देखा गया, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचे। उनके साथ एफएसएल, फिंगर प्रिंट एवं डॉग स्क्वाड की टीम भी घटनास्थल पर पहुँची।
मौके पर पहुँचकर पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। आवश्यक कार्यवाही उपरांत घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए संरक्षित किया गया।

दोनों मृतकों के शवों एवं घटनास्थल का परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि मृतक छुटई चौधरी एवं श्रीमती केरा बाई की हत्या लूट की नीयत से की गई है। घटनास्थल की परिस्थितियों एवं साक्ष्यों के आधार पर यह भी प्रतीत हुआ कि आरोपियों द्वारा दोनों की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि मृतक संभवतः हत्यारों को पहचानते थे।

*क्रिकेट के फाइनल मैच के दौरान दिया घटना को अंजाम:* आरोपियों द्वारा घटना को अंजाम देने के लिए बड़ी चालाकी के साथ उस समय का चयन किया गया, जब क्षेत्र में क्रिकेट का फाइनल मैच चल रहा था। मैच के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में या टीवी पर मैच देखने में व्यस्त थे, जिससे आसपास की गतिविधियों पर लोगों का ध्यान कम था।
इसका फायदा उठाते हुए आरोपियों ने सुनसान समय का लाभ लेकर घटना को अंजाम दिया, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो और वे आसानी से मौके से फरार हो सकें।

*अज्ञात आरोपियों की पहचान हेतु घटना स्थल की गहन जांच :* घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु घटना स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु एफएसएल, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ एवं डॉग स्क्वाड की टीम द्वारा सूक्ष्म निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।

*जान-पहचान वाले एवं मुख्य संदेहियों की तैयार की गई सूची :* अज्ञात आरोपियों की पतसाजी हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश् मीना द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक, श्री संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में एवं एसडीओपी, गाडरवारा श्री ललित डांगुर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया एवं घटना के संबंध में मृतकों के परिजनों, पड़ोसियों एवं परिचित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ करायी गई। पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर मृतकों के जान-पहचान वाले व्यक्तियों तथा संभावित संदेहियों की सूची तैयार की गई। तैयार की गई सूची के आधार पर पुलिस टीम द्वारा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की जांच की गयी।

*अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में पुलिस डॉग (MASS) की रही मुख्य भूमिका :* अज्ञात हत्यारों की पतासाजी हेतु पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस डॉग (MASS) की सहायता से लगातार सघन सर्चिंग की गई। सर्चिंग के दौरान पुलिस डॉग बार-बार एक ही स्थान पर जाकर रुक रहा था, जिससे उस स्थान को संदेह के आधार पर चिन्हित कर पुलिस द्वारा बारीकी से जांच की गई।

*खून से लथपथ अधजले कपड़ों से हुई आरोपी की पहचान :* सर्चिंग के दौरान पुलिस डॉग जिस स्थान पर बार-बार रुक रहा था, वह स्थान हल्के हरिजन (मृतिका का भाई) के घर के पास पाया गया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उसके घर एवं आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके आंगन में खून से लथपथ अधजले कपड़े पाए गए, जिन्हें विधिवत जप्त किया गया।
उक्त परिस्थितियों के आधार पर हल्के हरिजन पर हत्या किए जाने का संदेह होने पर उसके संबंध में जानकारी एकत्र कर पूछताछ की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ जिला कटनी की ओर चला गया है।
उक्त संदेहियों के कटनी की ओर जाने की सूचना मिलते ही थाना गोटेगांव पुलिस की टीम को उनकी तलाश एवं पतासाजी हेतु रवाना किया गया जिसके परिणामस्वरूप संदेही हल्के हरिजन, गुड्डू उर्फ कलिराम हरिजन तथा गुड्डू की पत्नी रीना को जिला कटनी के थाना स्लीमनाबाद पुलिस टीम की सहायता से अभिरक्षा में लिया गया।
*मृतिका का भाई निकला हत्यारा :* घटना के मुख्य आरोपी हल्के हरिजन को अभिरक्षा में लेने के उपरांत उससे गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने जीजा छुटई चौधरी एवं बहन श्रीमती केरा बाई की हत्या करना स्वीकार किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी हल्के हरिजन द्वारा बताया गया कि मृतकों एवं उसके बीच पूर्व से पारिवारिक विवाद चल रहा था। आरोपी ने बताया कि उसके पुत्र की शादी होना थी, जिसके लिए उसने अपने जीजा छुटई चौधरी एवं बहन श्रीमती केरा बाई से जेवरात एवं पैसों की मांग की थी। मृतकों द्वारा पैसे एवं जेवरात देने से मना करने पर उनके बीच विवाद हो गया। इसी बात से आक्रोशित होकर आरोपी ने आवेश में आकर अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की धारदार हथियार से हत्या कर दी।
*गिरफ्तार आरोपी :* हल्के भैया चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, इलायची बाई चौधरी, गुड्डू उर्फ़ कालीराम चौधरी, रीना चौधरी सभी निवासी ग्राम बम्होरी, थाना सांईखेडा एवं बड्डू उर्फ़ भुवन चौधरी निवासी ग्राम सूखाखैरी, थाना चीचली।
*जप्ती :* 1 चांदी का हाफ कड़ोरा, 02 जोड़ी चांदी की पायल, 04 नग पैर के लच्छे, 1 चांदी की चैन, 01 चांदी का मंगल सूत्र, 01 चांदी का ब्रासलेट, 01 चांदी की अंगूठी एवं हत्या में प्रयुक्त चाकू एवं हसिया।

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