पुलिस कमिश्नर ने सुनी जनता की समस्याएं, डिजिटल अरेस्ट और नशे के खिलाफ सीधी जंग का आह्वान

पुलिस कमिश्नर ने सुनी जनता की समस्याएं, डिजिटल अरेस्ट और नशे के खिलाफ सीधी जंग का आह्वान
भोपाल, यश भारत। राजधानी के मिसरोद थाना क्षेत्र में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में पुलिस और जनता के बीच की दूरियां घटती नजर आईं। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्वयं नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना और अपराध मुक्त भोपाल की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।
साइबर ठगों से सावधान: 1930 है आपका रक्षा कवच
संवाद के दौरान पुलिस कमिश्नर ने हाल के दिनों में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल/लिंक के जरिए होने वाली ठगी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर डिजिटल अरेस्ट जैसी कार्रवाई नहीं करती।
अलर्ट: किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
सावधानी: अपनी निजी जानकारी और OTP किसी के साथ साझा न करें।
नशा माफियाओं पर प्रहार: गोपनीय सूचना देने की अपील
नशा मुक्त समाज के संकल्प को दोहराते हुए पुलिस प्रशासन ने ड्रग पैडलर्स और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। कमिश्नर ने जनता से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय नशा कारोबारियों की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
यातायात नियमों का लिया संकल्प
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जनसंवाद में यातायात जागरूकता पर भी जोर दिया गया। नागरिकों ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और कार में सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की शपथ ली।
मौके पर साझा हुआ साइबर फ्रॉड का दर्द
कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय नागरिक ने अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड का अनुभव साझा किया। इस पर पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संबंधित साइबर सेल को मामले की जांच के निर्देश दिए और जनता से अपील की कि ठगी होने के गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर ही शिकायत दर्ज कराएं ताकि पैसा फ्रीज किया जा सके।
इनका कहना है..
आपकी सजगता ही आपकी सुरक्षा है। पुलिस और जनता मिलकर ही एक सुरक्षित और नशा मुक्त भोपाल का निर्माण कर सकते हैं।
संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर, भोपाल







