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मतदाता सूची शुद्धिकरण के दावों की खुली पोल, एक ही घर में मिले 43 वोटर

मतदाता सूची शुद्धिकरण के दावों की खुली पोल, एक ही घर में मिले 43 वोटर
600 वर्गफीट के मकान में दर्ज हैं अलग-अलग जातियों के मतदाता, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से की उच्च स्तरीय जांच की मांग

भोपाल, यशभारत। राजधानी के नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (शुद्धिकरण) अभियान के दावों पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा सूची को शुद्ध करने के दावों के बावजूद करौंद इलाके में एक ही पते पर दर्जनों फर्जी मतदाताओं के नाम मिलने से हड़कंप मच गया है। मामला उजागर होने के बाद कांग्रेस ने इसे चुनावी धांधली की साजिश बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

छोटे मकान, मतदाताओं की भारी फौज
वार्ड क्रमांक 75 के बूथ क्रमांक 63 के अंतर्गत आने वाले मकानों में भौतिक सत्यापन के दौरान जो आंकड़े सामने आए, वे हैरान करने वाले हैं।
मकान नंबर 21: हमीर सिंह यादव के महज 600 वर्गफीट के मकान में 43 मतदाता दर्ज पाए गए।
मकान नंबर 10: रिटायर्ड इंजीनियर कमलेंद्र गुप्ता के 800 वर्गफीट के पते पर 36 वोटरों के नाम मिले।
बूथ 63 (अन्य पता): पोखरलाल साहू के 1500 वर्गफीट के मकान में 37 मतदाता दर्ज हैं, जो अलग-अलग जातियों से संबंध रखते हैं।
कांग्रेस ने घेरा, आंदोलन की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और निर्वाचन सूची के साथ इन मकानों का निरीक्षण किया। शुक्ला ने आरोप लगाया कि “विशेष राजनीतिक दल” को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकारी मशीनरी ने लापरवाही बरती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सूची का शुद्धिकरण हो चुका था, तो एक ही परिवार या जाति से न होने के बावजूद इतने लोग एक छोटे से घर में कैसे रह सकते हैं?
शुक्ला ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और फर्जी नाम नहीं हटाए गए, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
यह शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हम इस मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग तक ले जाएंगे।
-मनोज शुक्ला, कांग्रेस नेता

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