जबलपुर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 6 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार, सीमांकन की पावती के लिए मांगी थी रिश्वत

जबलपुर यश भारत। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सिवनी जिले की बरघाट तहसील में एक घूसखोर पटवारी को रंगे हाथों दबोचा है। ग्राम पंचायत धपारा में पदस्थ पटवारी महेंद्र बिसेन को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उसके शासकीय कार्यालय से गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
आवेदक भगतराम खरे ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता द्वारा ग्राम धपारा (खसरा नंबर 627) में 1/5 हिस्सा जमीन दी गई थी। इस जमीन का सीमांकन (Demarcation) कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन उसकी पावती (Receipt) देने के बदले पटवारी महेंद्र बिसेन लगातार पैसों की मांग कर रहा था।
पटवारी ने इस काम के एवज में 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत कर दी।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद आज लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जैसे ही आवेदक भगतराम खरे ने पटवारी महेंद्र बिसेन को उसके कार्यालयीन कक्ष में रिश्वत की रकम थमाई, वहां सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। पटवारी के हाथ धुलाते ही वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।
कानूनी कार्यवाही
आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस सफल ट्रैप कार्यवाही में लोकायुक्त निरीक्षक जितेन्द्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया और जबलपुर लोकायुक्त दल की मुख्य भूमिका रही। इस कार्यवाही से राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।







