मध्य प्रदेशराज्य

खरीदी हो गई बंद : खुले मैदान में पड़ा लाखों क्विंटल धान, परिवहन नहीं होने से बिगड़े हालात, मौसम बदलाव से नुकसान की आशंका 

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मंडला l जिले के 69 केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन हो चुका है।  सभी केन्द्रों में उर्पाजन की प्रक्रिया बंद हो गई लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते केन्द्रों से धान का उठाव व परिवहन नहीं हुआ है। लाखों क्विंटल धान केन्द्रों में खुले मैदान व आसमान के नीचे रखी हुई है। इस बीच मौसम भी बदल रहा है बादल मंडरा रहे है। बारिश होने पर उपार्जित धान को नुकसान होने की आशंका है।

इसकी भरपाई खरीदी केन्द्र प्रभारी को करना पड़ेगा। जिला प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन वर्ष 2025-26 में जिला प्रशासन के द्वारा धान उर्पाजन को लेकर लापरवाही बरती गई। खरीदी केन्द्रो में धान की आवक शुरू होने पर परिवहन नहीं कराया गया है। यहां मिलर्स की हड़ताल के चलते धान को गोदाम में भंडारित किया गया। इस कार्रवाई में देरी होने से केन्द्रो में उपार्जित धान के स्टेग लग गए। इसके चलते कई केंद्रों पर परिवहन न होने से हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। दूसरे गोदामों में सुरक्षित भंडारण कराने के लिए ट्रकों को परिवहन में लगाया गया है लेकिन यह व्यवस्था भी अप्रर्याप्त हैं। ऐसे में मौसम बिगड़ गया तो बड़ा नुकसान होने की संभावना है। सभी शासकीय गोदाम भंडारण हो चुका है। अलग से भंडारण के लिए गुजाइंश नहीं रह गई।  

51 केन्द्रों में 367285 क्विंटल धान जमा

जिले के 69 खरीदी केन्द्रों में 51 केन्द्रो में धान परिवहन की गति धीमी है। इसमें एक दर्जन ऐसे केन्द्र ऐसे है जिनमें उर्पाजन के दौरान ट्रक भेजे ही नहीं गए है। केन्द्रो में अभी भी 367285 क्विंटल धान परिवहन के लिए शेष है। सिंगारपुर, नारायणगंज, पिंडरई क्रंमाक एक, खिरखिरी, रैवाड़ा, पिपारिया, कैरेगांव, धुतका,मांगा, रामदेवरी, कन्हार गांव ऐसे केन्द्र है। जहां बड़ी संख्या में धान मैदान में असुरक्षित रखी हुई है। इन केन्द्रो में धान को सुरक्षित रखने के माकूल इंतजाम नहीं है। इसके बाद भी परिवहन नहीं कराया जा रहा है।  

37593 किसानों ने विक्रय किया धान

धान विक्रय के लिए किसानो को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है। जिले के 37593 किसानो धान का विक्रय किया है। इन किसानो से अलग अलग खरीदी केन्द्रो में कुल 2156260 क्विटल धान का उर्पाजन किया गया। 38287 किसानो स्लॉट की बुकिंग कराया था। इस बार नौ जनवरी से स्लॉट बुकिंग होना ही बंद करा दिया। इससे खरीदी प्रभावित रही है। सर्वर व पोर्टल की समस्या होने स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाए। केन्द्रो में धान रखने की जगह भी नहीं है। इसके कारण किसानो को धान तौल कराने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा है।  

बदल रहा है मौसम

पिछले तीन दिनो से जिले का मौसम बदल रहा है। तापमान में उछाल आया है। इसकी वजह आसमान में बादलो का डेरा जमने लगा है। मौसम का भी पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिन में बारिश हो सकती है। ऐसे में अचानक बारिश हुई। काफी मात्रा में धान को नुकसान होगा। अभी भी कई दिनो से उपार्जित धान केन्द्र में पड़ी होने से बोरियां खराब हो रही है। बारिश में धान गीली होने से केन्द्र प्रभारी की मुश्किले बढ़ जाएगी। केन्द्र प्रभारियो का कहना है कि समय पर परिवहन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते उन्हे अतिरिक्त चौकीदार लगाना पड़ रहा है। बारिश की संभावना को देखते हुए अन्य व्यवस्थाएं भी करनी पड़ रही है।  

इनका कहना है –  

इस बार धान के परिवहन में देरी हुई है इसकी वजह मिलर्स की हड़ताल रही है। उनके द्वारा पहले से ही धान का उठाव नहीं किया। चार दिन के अंदर सभी केन्द्रों की धान का परिवहन कर भंडारण कर दिया जाएगा।

संत कुमार भलावी, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी 

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