
पालीटेक्निक प्रवेश प्रक्रिया शुरूआवेदन, बदले नियमों के तहत न्यूनतम अंक अनिवार्य
पालीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। इस बार प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 400 अंकों की प्रवेश परीक्षा में कम से कम चार अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके लिए 100 प्रश्नों वाली परीक्षा में कम से कम एक प्रश्न सही करना जरूरी होगा।
जीरो अंक पर अब नहीं मिलेगा प्रवेश
पहले की व्यवस्था में प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के बावजूद जीरो अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को भी पालीटेक्निक में प्रवेश मिल जाता था, खासकर निजी संस्थानों में। नए नियम लागू होने के बाद अब ऐसा संभव नहीं होगा। इससे मनमाने प्रवेश पर रोक लगेगी।
30 अप्रैल तक होंगे आवेदन
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 अप्रैल तक चलेगी।
वहीं 15 मई से 22 मई तक ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
वेबसाइट से ही करना होगा आवेदन
अभ्यर्थी केवल संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट
jeecup.admissions.nic.in के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे।
प्रवेश परीक्षा ग्रुप ‘ए’ से लेकर ‘एल’ तक की ट्रेड्स के लिए आयोजित की जाएगी।
आवेदन शुल्क तय
सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क: ₹300
अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए आवेदन शुल्क: ₹200
2.54 लाख सीटों पर होगी परीक्षा
प्रदेश में सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और थ्रीपी (PPP) मॉडल से संचालित पालीटेक्निक संस्थानों में कुल 2.54 लाख सीटों के सापेक्ष प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी।
400 अंकों की परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न चार अंक का होगा।
निजी संस्थानों की बढ़ी चिंता
नए नियम लागू होने से निजी पालीटेक्निक संस्थानों के संचालकों की चिंता बढ़ गई है। पहले केवल परीक्षा में बैठना ही प्रवेश के लिए पर्याप्त होता था, लेकिन अब कम से कम एक प्रश्न हल करना अनिवार्य होने से सीट भरना उनके लिए चुनौती बन सकता है।
गुणवत्ता सुधार के लिए बदले नियम
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एस.के. सिंह ने बताया कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से प्रवेश नियमों में बदलाव किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 100 में से कम से कम एक प्रश्न का सही उत्तर देना अब अनिवार्य होगा। हालांकि, आवेदनों की संख्या के आधार पर भविष्य में नियमों में संशोधन किया जा सकता है।







