मध्य प्रदेशराज्य

अपर नर्मदा बांध : डूब क्षेत्र में सारे काम बंद तो जल निगम का काम क्यों है चालू? ग्रामीणों ने किया विरोध, मौके पर पहुंचे तहसीलदार 

यशभारत डिंडौरी| आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में प्रस्तावित अपर नर्मदा बांध शोभापुर से जहां सरकार एक ओर सिंचाई, बिजली, रोजगार और पानी की समस्या से निजात दिलाने का लक्ष्य रखकर अपर नर्मदा बांध शोभापुर का प्रोजेक्ट फाईनल कर बांध बनाने का मन बना लिया है तथा भू अर्जन की कार्यवाही लगातार जारी है वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय ग्रामीण इस शोभापुर बांध परियोजना का प्रारंभ से ही भारी विरोध कर रहे हैं। और उसका असर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के रूप लगातार देखने को मिल रहा है, जिसके चलते वर्तमान में जल निगम द्वारा बनाए जा रहे पानी टंकी के विरोध में ग्रामीण एकजुट होकर कार्य पर रोक लगाने कार्यस्थल पहुंचे। ठेकेदार और ग्रामीणों की तनातनी के बाद तहसीलदार भरत सिंह बट्टे मौके पर पहुंचे जहां ग्रामीणों ने बताया कि जब डूब प्रभावित हमारे गांव में सरकार और प्रशासन द्वारा सारे कार्य और योजनाएं बंद कर दी गई है जहां तक की मनरेगा से मजदूरी तक नहीं मिल रही इस बीच जल निगम की टंकी आखिर क्यों बनाई जा रही है और जब यहां ग्रामीणों को रहने ही नहीं देना है तो पानी टंकी किसके लिए बनाई जा रही है।

 ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर आरोप लगाया है कि पानी टंकी आखिर प्रशासन किसके लिए बनाई जा रही है जिसके बाद ग्रामीणों ने पंचनामा तैयार कर कार्य में रोक लगाने के लिए अभिमत दिया है जिसमें दर्शाया गया है कि थाना प्रभारी, तहसीलदार और ठेकेदार के समक्ष कार्य रूकवाकर बंद किया गया है, जबकि एक ओर सरकार नर्मदा तट पर स्थित दर्जनों डूब प्रभावित गांव में शासकीय निर्माणाधीन कार्यों पर रोक लगा दी है जिसके स्पष्ट निर्देश डिंडोरी कलेक्टर द्वारा जारी कर दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर जल निगम के द्वारा पानी टंकी का निर्माण करना शासन के आदेश के विरुद्ध राशि का बंदरबांट करना है। आपको बता दें कि डिंडोरी जिले में लगभग आधा दर्जन से अधिक बांध परियोजना प्रस्तावित है जिसमें अपर नर्मदा, लोवर नर्मदा, अपर बुढनेर, अंडई, बिठलदेह सहित अन्य बांध परियोजना प्रस्तावित है जिसके चलते दर्जनों ग्राम के हजारों की संख्या में ग्रामीणों की हजारों हेक्टेयर जमीन का भू अर्जन शासन प्रशासन द्वारा किया जा रहा है जिसका लगातार विरोध हो रहा है, अनेक ग्राम पंचायत पेशा एक्ट के माध्यम से बाध के विरोध में प्रस्ताव भी किया है जिसके बाद भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बांध बनना लगभग तय है जिसके चलते ग्रामीण हमेशा ही परियोजना का विरोध कर रहे हैं। 

इनका कहना है…

शासन जब ग्रामीणों के लिए रोजगार और आवास की योजना डूब प्रभावित गांव में बंद कर दी है तो पानी टंकी का निर्माण किसके लिए किया जा रहा है – उपेंद्र कोरी, ब्लाक अध्यक्ष, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 

मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या को सुना ,ठेकेदार और ग्रामीणों को समझाया है अभी काम बंद किया गया है | भरत सिंह बट्टे, तहसीलदार बजाग

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