छबि सुधरी पर नहीं रूकी अपराधों की रफ्तार…क्राइम इन्वेस्टिगेशन के साथ सोशल एक्टिविटी में जुटी रही पुलिस, पुलिस महकमे के लिए ऐसा रहा 2025, अब 2026 में कई चुनौती
(आशीष रैकवार)

कटनी, यशभारत। साल 2025 में जहां अपराधिक वारदातों का ग्राफ अधिक रहा तो वहीं पुलिस को ज्यादातर मामलों को सुलझाने में सफलता मिली। आंकड़ों की बात करें तो हत्या की वारदातों का ग्राफ अधिक रहा। हत्या के प्रयास और लूट की वारदातें भी पूरे साल होती रही। आंकड़े यह बताने के लिए काफी है कि बदमाशों में अब खाकी का खौफ नहीं रह गया है। इन वारदातों से शहर का अमनपसंद नागरिक खौफजदा रहा। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा। घरों को निशाना बनाते-बनाते चोर अब बैंकों को भी निशाना बनाने लगे। मेरठ से आई गेंग ने पुलिस की नाक के नीचे से एटीएम चुरा लिया। बीते साल खाकी भी दागदार होते दिखी। पुलिस कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप भी लगे। कई पुलिस कर्मी लाइन हाजिर किए गए। पुलिस ने साल भर काम्बिंग गश्त अभियान चलाकर अपराधियों को सीखंचों के पीछे किया, इसके बाद भी अपराधिक वारदातों में कमी नहीं आई। महिला संबंधी अपराधों में भी बढ़ोत्तरी हुई। ऑपरेशन शिकंजा, ड्रिंक एंड ड्राइव एवं ऑपरेशन मुस्कान में पुलि को कई अच्छी सफलताएं भी मिली। जिला बदर और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत तत्वों को जेल की सलाखों के पीछे किया गया। बीते साल पुलिस की ओर से कई अच्छी पहल भी की गई। सामाजिक सरोकार से जुड़ी पुलिस की जनहितकारी पहल की नागरिकों ने सराहना भी की। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा की अभिनव पहल स्कैन करें फीडबैक और आपका सारथ कौन…, नो हेलमेट नो अटेंडेंस अभियान, अराजक यातायात में सुधार, गुजारिश सम्मेलन सहित कई अन्य अभियान इसमे शामिल है।
राहुल बिहारी की गिरफ्तारी बड़ी सफलता
साल 2025 में पुलिस की बड़ी सफलता लंबे समय से फरार मोस्ट वांटेट अपराधी राहुल बिहारी की गिरफ्तारी को माना जा सकता है। राहुल बिहारी को पुलिस को काफी समय से तलाश थी। गंभीर अपराधों में लिप्त राहुल बिहारी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की शाख को बट्टा लग रहा था। कटनी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली और माधवनगर के बहुचर्चित लूट प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे आदतन एवं इनामी आरोपी राहुल सिंह उर्फ राहुल बिहारी एवं उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिज ने कई राज्यों में दबिश दी। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक लोडेड देशी कट्टा एवं जिंदा कारतूस बरामद किया गया, जिस पर आम्र्स एक्ट के तहत पृथक प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में कुल 22 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं तथा पूर्व में उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
कैमोर में गोलीकांड के बाद तनाव, पुलिस ने आरोपियों का किया शार्ट एनकाउंटर
औद्योगिक नगरी के नाम से मशहूर कैमोर में भाजपा नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के बाद कैमोर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। अकरम खान और उसके एक अन्य साथी ने इस वारदात को अंजाम दिया था। हत्याकांड के बाद पूरे कैमोर में हडक़म्प मच गया था और कैमोर के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव था। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने इस मामले को एक चैलेंज के रूप में लिया और अलग-अलग थानों की टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भेजा। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीमों ने मुखबिरों और तकनीकी माध्यमों से आरोपी अकरम खान और इमेनुअल जोसेफ उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस को शॉर्ट एनकाउंटर भी करना पड़ा। पुलिस पर फायरिंग के जवाब में पुलिस की गोली से दोनों आरोपी घायल हुए, जिन्हे मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया। पूछताछ के बाद मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं सहित अन्य तीन आरोपियों आरिर्फ उर्फ मानू खान, सलीम खान उर्फ चच्चा, मोहम्मद जैद अजहरी और हर्ष सिंह को गिरफ्तार किया गया।
एटीएम चोरी से पुलिस गश्त पर उठे सवाल
साल के अंत में माधवनगर थाना क्षेत्र में हुई एटीएम चोरी की वारदात ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी। आरोपियों ने पुलिस गश्त को चुनौती देते हुए माधवनगर थाने से चंद कदमों की दूरी पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र बरगवां ब्रांच के एटीएम को चोरी कर लिया, हालांकि इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी आरिफ उर्फ बाटू, एहसान उर्फ अहसान को मेरठ उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने 4 साथियों के साथ मिलकर कटनी, गुना और जबलपुर जिलों में एटीएम चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरफ्तारी के समय आरोपी के कब्जे से एटीएम मशीन और वाहन बरामद किए गए। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सडक़ किनारे या हाईवे के पास स्थित एटीएम को पिकअप वाहन की मदद से उखाडक़र चोरी करते थे। इस गिरोह पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।
हाईवे पर लूट की वारदातें पुलिस के लिए सिरदर्द बनी रहीं
हाईवे पर लूट की वारदातें पुलिस के लिए साल भर टेंशन बनी रहीं। पारधी गिरोह ने एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दिया। नेशनल हाईवे पर लूट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कटनी पुलिस की 15 विशेष टीमों द्वारा 215 पुलिसकर्मियों की सहभागिता से पारधी गिरोह के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई। ड्रोन निगरानी के साथ की गई रेड में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए और 12 संदेही हिरासत में लिए गए। इनके पास से 20 हथियार, 190 फर्जी गोल्ड बिस्किट, 15 किलो गांजा एवं 26 संदिग्ध मोटरसाइकिलें बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान प्राप्त इनपुट के आधार पर मुख्य आरोपी इतवार सिंह उर्फ चूहा को छतरपुर से शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया तथा 10 हजार के इनामी आरोपी करन उर्फ टीच पारधी को भी पकड़ा गया। इस प्रकार हाईवे लूट कांड का पारधी गिरोह को पूर्णत: ध्वस्त किया गया।
हत्या के एक मामले में नहीं मिली सफलता
वर्ष 2025 में दर्ज 32 हत्या प्रकरणों में से 31 प्रकरणों का खुलासा कर 66 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। हत्या के प्रयास के 47 प्रकरणों में 105 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। डकैती के 2 मामलों का खुलासा कर 2 गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 8.62 लाख की संपत्ति बरामद की गई। लूट के 5 मामलों में 5 गिरोह का पर्दाफाश कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं 5.84 लाख की संपत्ति बरामद की गई। 140 चोरी प्रकरणों का खुलासा कर 256 चोरों को गिरफ्तार किया गया तथा सोने-चांदी जेवर, नगदी सहित करीब 2.5 करोड का मसरूका बरामद किया गया। हथियारबंद अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 214 प्रकरण दर्ज कर 218 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं 223 अवैध हथियार जब्त किए गए। जुआ एवं सट्टा अधिनियम के तहत 710 प्रकरण दर्ज कर 1654 आरोपियों पर कार्रवाई की गई तथा 9.21 लाख नगदी सहित सामाग्री बरामद की गई।
ऑपरेशन शिकंजा और ऑपरेशन मुस्कान
अवैध शराब, गांजा व नशीली दवाओं के विरुद्ध चलाए गए ऑपरेशन शिकंजा में 3929 प्रकरण दर्ज कर 4011 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा करीब 1.58 करोड़ की मादक सामग्री जब्त की गई। इसी तरह ड्रिंक एंड ड्राइव के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा 2105 चालान किए गए तथा वाहनों को जप्त कर 2.10 करोड़ का जुर्माना किया गया। ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा एवं परिवार से बिछड़े 333 नाबालिग बालक-बलिकाओं को विभिन्न राज्यों से सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया गया।
कम्बिंग गश्त, 14 हजार से ज्यादा वारंटी गिरफ्तार
रात्रिकालीन कम्बिंग गस्त के दौरान 14 हजार 384 वारंटशुदा अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया तथा 18 हजार 57 संमंस तामील किये गए। यातायात नियमों के उल्लंघन, ओव्हर लोडिगं, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीड, ब्लैक फिल्म, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर एमव्ही एक्ट के तहत 25818 चालान कर 1.89 करोड़ का जुर्माना किया गया। कानून व्यवस्था भंग करने वाले 86 आदतन अपराधियों के विरुद्ध जिलाबदर की कार्यवाही की गई। राष्ट्रीय व सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिगत गंभीर एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त 3 अपराधियों के विरुद्ध एनएसए के तहत कार्यवाही कर उन्हें जेल निरुद्ध किया गया।
101 बैंकों के 3 हजार खाते ब्लॉक कर धोखाधड़ी
ऑनलाइन फ्रॉड की 571 शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए 101 बैंकों के लगभग 3 हजार खाते ब्लॉक कर 77.55 लाख की राशि फ्रीज की गई। सायबर फ्रॉड में लिप्त 123 सायबर अपराधियों के मोबाइल सिमों को बंद कराया गया। फर्जी सिम विक्रेताओं के दो गिरोह और फर्जी बैंक एकाउंट बनाकर उपयोग करने वाले 3 गिरोहों को गिरफ्तार कर ध्वस्त किया गया । गुम एवं चोरी हुए 475 मोबाइल फोन खोजकर नागरिकों को वापस किए गए।
20 आरोपियों को आजीवन कारावास
सनसनीखेज एवं चिन्हित अपराधों में पूर्व से चिन्हित 13 प्रकरणों में से 12 प्रकरणों में 20 आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 1 प्रकरण में आरोपी को 20 वर्ष की सजा से माननीय न्यायालय व्दारा दण्डित किया गया। सामाजिक न्याय एट्रोसिटी एक्ट एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 136 प्रकरण दर्ज कर 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। महिलाओं की हत्या, दहेज हत्या, प्रताडऩा, दुष्कर्म, छेड़छाड़ एवं पॉक्सो के 168 प्रकरणों में 231 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा गुंडा, बदमाश एवं हिस्ट्रीशीटरों को समय-समय थाने उपस्थित कर डोजियर अपडेट किए गए। 15 बदमाशों को गुंडा फाईल एवं 5 नए हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट खोली गई।
सामाजिक सरोकार से जुड़ी पुलिस की पहल, स्कैन करें फीडबैक और आपका सारथी कौन…
आम जनता से पुलिस कार्यवाही को लेकर सीधा फीडबैक प्राप्त करने के लिए कटनी पुलिस द्वारा स्कैन करें फीडबैक भरें योजना प्रारंभ की गई। थानों एवं पुलिस इकाइयों में क्यूआर कोड लगाए गए, जिन्हें स्कैन कर नागरिक अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर रहे हैं। मासिक इकाईवार रैंकिंग के माध्यम से पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जा रहा है। इसी तरह रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए योजना शुरू की गई। ऑटो चालकों का सत्यापन कर यूनिक चालक नंबर जारी किए गए। ऑटो में क्यू आर कोड लगाए गए, जिससे चालक की जानकारी तुरंत मिलती है। शिकायत पर त्वरित कार्यवाही व अच्छे चालकों को सम्मान दिया गया।
85 सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी
पुलिस द्वारा कटनी की सजग दृष्टि परियोजना प्रारंभ की गई। जिसमें विधायक निधि से 15 लाख रूपए की लागत से शहर के 26 प्रमुख स्थानों पर 85 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए। इनकी निगरानी पुलिस कंट्रोल रूम से की जा रही है । जिससे अपराध नियंत्रण, यातायात निगरानी एवं डिजिटल साक्ष्य संकलन में प्रभावी सहायता मिली है।
नो हेलमेट नो अटेंडेंस अभियान
कटनी जिले को जीरो एक्सीडेंटल फैटेलिटी बनाने के उद्देश्य से श्नो हेलमेट दृ नो अटेंडेंसश् नीति लागू की गई। इसके तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से आने वाले कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया गया एवं उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई। सभी शासकीय, अशासकीय कार्यालयों, स्कूल, कॉलेज, फैक्ट्रियों व संस्थानों को यह नीति अपनाने के निर्देश दिए गए, जिससे हेलमेट उपयोग में वृद्धि हुई। कटनी पुलिस द्वारा विभिन्न संस्थानों के माध्यम से नि:शुल्क 1000 से अधिक हेलमेट भी वितरित किए गए ।
अराजक यातायात में सुधार के प्रयास
कटनी को जाममुक्त बनाने और अराजक यातायात में सुधार के लिए कटनी पुलिस एवं नगर निगम ने संयुक्त अभियान शुरू किया। स्टेशन रोड सहित प्रमुख मार्गों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से पुलिस एवं नगर निगम द्वारा भीड़भाड़ एवं ट्रैफिक जोन जैसे स्टेशन रोड, गोल बाजार, रूई बाजार, सुभाष चौक, विश्वकर्मा पार्क में सहित प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर सडक़ चौडीकरण किया एवं ऑटो, ई-रिक्शा का स्टैंड निर्धारित किया। उक्त स्थानों से सेंट्रल पार्किंग को हटाकर विश्वकर्मा पार्क, रामलीला मैदान एवं रेलवे स्टेशन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दो पहिया-चार पहिया वाहनों हेतु पार्किंग स्लॉट उपलब्ध कराया गया।
कटनी स्टेशन में मिला बंग्लादेशी
भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या नागरिकों के विरुद्ध चलाए गए विशेष सर्चिंग अभियान के तहत कटनी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। सघन सर्चिंग एवं सत्यापन के दौरान 8 जुलाई को कटनी रेलवे स्टेशन क्षेत्र से एक संदिग्ध नाबालिग को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में स्वयं को गाजीपुर ढाका बांग्लादेश का निवासी बताया। दस्तावेजों के अभाव में उसे होल्डिंग सेंटर कटनी में रखा गया तथा पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं विदेश मंत्रालय भारत सरकार को सूचना देकर डिपोर्ट की कार्यवाही की गई। आवश्यक निर्देश प्राप्त होने के उपरांत विशेष पुलिस टीम द्वारा उक्त नाबालिग को पश्चिम बंगाल स्थित बीएसएफ के माध्यम से बांग्लादेश सरकार को सौंपा गया।









