
लखनऊ,एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। बीबीडी थाना क्षेत्र के सलारगंज स्थित शिवम ग्रीन सिटी कॉलोनी में रहने वाले एक युवा इंजीनियर की उसकी लिव-इन पार्टनर ने बेरहमी से हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी महिला अपनी दोनों नाबालिग बेटियों के साथ करीब पांच घंटे तक शव के पास ही बैठी रही और बाद में खुद पुलिस को फोन कर कहा- “मैंने ही उसका कत्ल किया है।” मृतक की पहचान सूर्य प्रताप सिंह (32) के रूप में हुई है, जो एवरेडी कंपनी में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। घटना के बाद न सिर्फ लखनऊ बल्कि उनके पैतृक गांव देवरिया में भी मातम का माहौल है।
ट्यूशन से शुरू हुआ रिश्ता
पुलिस के अनुसार, सूर्य प्रताप सिंह करीब तीन वर्ष पहले जानकीपुरम सेक्टर-एच में रहने वाली रत्ना नामक महिला के घर उसकी बेटियों को ट्यूशन पढ़ाने जाया करता था। उसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। रत्ना पहले से विधवा थी और वह अपनी दो बेटियों 17 वर्षीय जान्हवी और 15 वर्षीय अनुष्का के साथ रहती थी। कुछ समय बाद सूर्य प्रताप और रत्ना ने साथ रहने का निर्णय लिया। दोनों सलारगंज शिवम ग्रीन सिटी स्थित सूर्य के मकान में सहमति संबंध (लिव-इन रिलेशनशिप) में रहने लगे। यह मकान मृतक के नाम पर ही था।
विवाद और खौफनाक रात

स्थानीय लोगों और पुलिस की जांच में सामने आया कि बीते कुछ दिनों से दोनों के बीच लगातार विवाद हो रहा था। सोमवार रात भी किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। रात भर घर के अंदर तनाव का माहौल बना रहा। भोर करीब 5 बजे, जब सूर्य अपने कमरे में सो रहे थे, तभी रत्ना ने रसोई में रखे चाकू से उन पर हमला कर दिया। उसने गला रेत दिया और कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में रत्ना की दोनों नाबालिग बेटियां भी मौजूद थीं।
पांच घंटे तक शव के पास बैठी रहीं मां-बेटियां
हत्या के बाद रत्ना और उसकी बेटियां करीब पांच घंटे तक घर के भीतर ही मौजूद रहीं। न तो उन्होंने भागने का प्रयास किया और न ही किसी को इसकी जानकारी दी। पूरा घर खून से सना हुआ था। सुबह करीब 9:45 बजे रत्ना ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और कहा- “मैंने ही सूर्य का कत्ल किया है।” सूचना मिलते ही बीबीडी थाने की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर राम सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्राम प्रधान राम मनोहर यादव को भी मौके पर बुलाकर घटना की पुष्टि कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घर को सील कर दिया और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने खून के सैंपल, फिंगरप्रिंट और अन्य जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी महिला रत्ना को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। मृतक के पिता नरेंद्र सिंह की तहरीर के आधार पर महिला और उसकी दोनों बेटियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। बेटियों की भूमिका को लेकर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।






