गौहरगंज रेप: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी सलमान

गौहरगंज रेप: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी सलमान
मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर रिमांड सौंपी; शॉर्ट एनकाउंटर में पैर में लगी थी गोली, भागने की कोशिश में एसआई की पिस्टल छीनकर की थी फायरिंग
भोपाल, यशभारत। रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की मासूम से दरिंदगी के मामले में पुलिस ने नाटकीय घटनाक्रमों के बीच आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार तड़के एनकाउंटर में घायल होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को 11 दिसंबर तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। न्यायिक हिरासत की यह प्रक्रिया भोपाल के हमीदिया अस्पताल से पूरी की गई, जहाँ शॉर्ट एनकाउंटर के चलते आरोपी का इलाज चल रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, कोर्ट के मजिस्ट्रेट स्वयं अस्पताल पहुंचे और आरोपी की हालत देखकर पुलिस को रिमांड सौंपी।
एनकाउंटर का पूरा घटनाक्रम
आरोपी सलमान, जो बुदनी थाने का स्थायी वारंटी भी है, को गुरुवार रात भोपाल के गांधी नगर इलाके से कुछ स्थानीय युवकों की मदद से पकड़ा गया था। शुक्रवार तड़के 3 बजे के आसपास, जब पुलिस टीम उसे रायसेन ले जा रही थी, तब कीरतनगर के पास आरोपी ने भागने की कोशिश की। उसने एसआई श्याम राज की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायर किए। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, आरोपी सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकता है, जिसके बाद उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। पुलिस पूछताछ के लिए उसे बाद में कस्टडी में ले सकती है।
हीरो बने तीन युवक
युवकों के मुताबिक, आसिफ को आरोपी ने किराए के कमरे के लिए संपर्क किया और उसकी तस्वीर भेजी। सोशल मीडिया पर सक्रिय अब्दुल ने तत्काल तस्वीर पहचान ली और उसे रायसेन के वांछित आरोपी जैसा पाया। अब्दुल ने आसिफ से उसे रोककर रखने को कहा। इसके बाद, रिजवान ने स्थानीय पुलिसकर्मी राहुल गुरुजी को फोटो भेजा, जिन्होंने उसे मौके पर ही रोके रखने का निर्देश दिया। युवकों ने इनाम की राशि लेने से इनकार करते हुए मांग की कि वह पैसा पीड़ित बच्ची को दिया जाए और दरिंदे को फांसी दी जाए।
बच्ची की हालत गंभीर, रिकवरी में लगेंगे छह माह
पीड़ित बच्ची, जिसकी शनिवार को सर्जरी हुई, फिलहाल आईसीयू में भर्ती है और बातचीत कर पा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे, जिसके कारण मोशन पास करने की व्यवस्था के लिए नसों को बायपास कर नई व्यवस्था बनानी पड़ी। डॉक्टरों ने संक्रमण के खतरे के कारण उसे अभी डिस्चार्ज नहीं किया है। डॉक्टरों के अनुसार, पूरी रिकवरी में कम से कम छह महीने लगेंगे, और उसके पूरी तरह सामान्य होने को लेकर अभी भी आशंकाएं बनी हुई हैं। पूरी हीलिंग के बाद उसकी एक और सर्जरी की जाएगी।
CM की सख्ती, एसपी पर गिरी गाज
आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे व्यापक धरना प्रदर्शनों और चक्काजाम पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया। 26 नवंबर को हुई उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने और पुलिस की ढीली कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। सीएम के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर पुलिस हेडक्वार्टर अटैच कर दिया गया। उनकी जगह आशुतोष गुप्ता को रायसेन का नया एसपी नियुक्त किया गया है।







