सिग्नल हुआ फेल, बीयू से एमपी नगर तक लगा जाम – ब्रिज पर घंटों फंसे हजारों वाहन

सिग्नल हुआ फेल, बीयू से एमपी नगर तक लगा जाम
– ब्रिज पर घंटों फंसे हजारों वाहन
भोपाल यशभारत। राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार सुबह बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) से एमपी नगर थाने तक आने वाले ब्रिज पर भयानक जाम का संकट खड़ा हो गया। सुबह ऑफिस, स्कूल और कोचिंग के समय इस ब्रिज पर वाहनों की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई। घंटों तक गाडय़िां रेंगती रहीं और लोग समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए।
जाम की सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक सिग्नल का खराब होना। यह सिग्नल कई दिनों से समस्या दे रहा था, लेकिन सोमवार को सुबह यह पूरी तरह ठप्प हो गया। सिग्नल बंद होते ही चारों ओर से आने वाले वाहन आपस में उलझने लगे। ब्रिज पर ऊपर की ओर चढऩे वाले वाहन और नीचे से आने वाले वाहन एक ही पॉइंट पर फंस गए और ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मौके पर एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। जाम बढ़ता गया लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस की ओर से कोई तैनाती नहीं की गई। वाहन चालकों की शिकायत है कि पुलिस हेलमेट व बेल्ट चेकिंग में तो सक्रिय रहती है, लेकिन ऐसे वास्तविक ट्रैफिक संकट के समय पूरी तरह नदारद रहती है।
आसपास के दुकानदारों और स्थानीय रहवासियों का गुस्सा भी साफ झलकता है। उनके अनुसार,
ब्रिज पर सुबह होने वाले जाम की जानकारी पुलिस को है, फिर भी न तो सिग्नल सुधारा गया और न ही जवान भेजे गए। दफ्तर और स्कूल जाने वालों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग 20 से 30 मिनट में तय होने वाला रास्ता एक घंटे से भी ज्यादा समय में पार कर सके। स्कूल बसें और एम्बुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे स्थिति और खतरनाक हो गई।
ब्रिज का यह रास्ता शहर का अत्यंत व्यस्त कॉरिडोर माना जाता है। बीयू, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल, हबीबगंज स्टेशन, डीबी मॉल और एमपी नगर जैसी मुख्य लोकेशनों के बीच यह कड़ी का काम करता है। ऐसे में जाम की स्थिति हजारों लोगों को प्रभावित करती है। जाम में फंसे लोगों ने सोशल मीडिया पर भी पुलिस प्रशासन को घेरा। कई लोगों ने तस्वीरें व वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा सिग्नल बंद है, पुलिस गायब है, और जाम पूरे शहर को पंगु कर रहा है।
लोगों का कहना है कि हर दिन बढ़ते वाहनों की संख्या के मुकाबले ट्रैफिक प्रबंधन बेहद कमजोर साबित हो रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया और वैकल्पिक मार्गों की योजना के बिना ऐसे संकट बार-बार सामने आते रहेंगे। बीयू से एमपी नगर तक फैले इस जाम ने यह साफ कर दिया कि ट्रैफिक व्यवस्था में तत्काल सुधार की जरूरत है। सिग्नल में गड़बड़ी और पुलिस की अनुपस्थिति जैसे कारण अब शहरवासियों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी बनते जा रहे हैं।







