किराये के वाहन को गैरकानूनी रूप से बेचने वाले आरोपी की जमानत खारिज — अदालत ने माना गम्भीर अपराध

जबलपुर यश भारत। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री सुनील मालवो के न्यायालय में विचाराधीन अपराध क्रमांक 113/2024 में आरोपी रिशू मसीह पिता अरुण मसीह निवासी जबलपुर द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र पर आज सुनवाई की गई। मामला भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 406, 409, 120-बी एवं 34 के तहत पंजीबद्ध है। आरोपी पर आरोप है कि उसने कई व्यक्तियों से किराये पर वाहन लेकर कुछ माह तक नियमित किराया जमा किया, तत्पश्चात विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उन्हीं वाहनों को गैरकानूनी रूप से अन्य राज्यों में विक्रय कर दिया। इस संबंध में थाना ओमती में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सुनवाई के दौरान फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता यतेन्द्र अवस्थी एवं उदित पिल्ले उपस्थित हुए, जिन्होंने जमानत आवेदन का कड़ा विरोध करते हुए यह तर्क दिया कि आरोपी का कृत्य सुनियोजित धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात का घोर उदाहरण है।
न्यायालय ने समस्त तथ्यों का अवलोकन करने के उपरांत यह माना कि आरोपी का कृत्य सामाजिक विश्वास को ठेस पहुँचाने वाला है तथा ऐसी परिस्थिति में उसे राहत प्रदान किया जाना न्यायहित में उचित नहीं होगा।
अतः माननीय न्यायालय ने आरोपी रिशू मसीह का जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार कर खारिज कर दिया।







