
जबलपुर यशभारत । ऐसा पहली बार हुआ हैं कि जांच एजेंसी का छापा प्रदेश के किसी और जिले में पड़ा हो लेकिन इसका असर सैकड़ो किलोमीटर दूर दिखाई दे ऐसा ही कुछ हाल ही में सामने आया है। ईडी ने आबकारी के एक अधिकारी कि यहां मंदसौर में छापा मार कार्यवाही क्या की उससे जबलपुर आबकारी विभाग में एक साहब को तनाव में देखा जा रहा है ।हुआ यह कि मंदसौर में जिला आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर बुधवार तड़के अलसुबह ईडी ने बड़ी कार्रवाई की लेकिन इस कार्रवाई का असर 666 किलोमीटर दूर जबलपुर में भी महसूस किया गया। सूत्रों की मानें तो जिस वक्त के मामले को लेकर ईडी ने कार्रवाई की उस दौरान श्री दांगी पूर्व में जिस साहब को तनाव में देखा जा रहा है वे उनके बॉस हुआ करते थे ।सूत्रों के अनुसार बुधवार को मंदसौर में कार्रवाई का असर जबलपुर में ये रहा कि साहब दिन भर घर से बाहर नहीं निकले। ज्ञात हो कि मंदसौर से श्री दांगी का ट्रांसफर दतिया हो चुका हैं लेकिन इसके बावजूद आबकारी अधिकारी के घर छापा मारा गया। सूत्रों के अनुसार जबलपुर में माहौल यह रहा कि साहब दिन भर बंगले के बाहर नहीं निकले। बुधवार सुबह से उनका फोन बंद रहा और उनके दोनों सरकारी वाहन खाली शहर में घूमते रहे। खाली वाहन ऑफिस टाइम पर ऑफिस में नजर आईं और जिम के समय जिम में खड़ी दिखाई दीं लेकिन साहब न तो कार्यालय में दिखे न जिम में और न हीं शहर में नजर आए। आलम ये रहा कि साहब ने बुधवार सुबह से देर रात तक किसी का न फोन उठाया न किसी से मुलाकात की
बताया जाता है की दांगी के किराये के आवास पर सुबह करीब 4 बजे ईडी की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी। ज्ञात हो कि पूर्व में इसी वर्ष अप्रैल माह में इंदौर, भोपाल और मंदसौर में शराब कारोबारियों से जुड़े 11 स्थानों पर ईडी के छापे मारे गए थे। एफआईआर में वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। ईडी के अनुसार, वर्ष 2015-16 से 2017-18 के बीच अनियमितता की बात सामने आई है। इसमें कथित तौर पर ट्रेजरी चालान में फर्जीवाड़ा और हेराफेरी, शराब की खरीद के लिए अवैध रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में गड़बड़ी की गई। बताया जा रहा है कि सरकार को 49 करोड़ का राजस्व नुकसान पहुंचाया गया था।
साहब और विवाद का चोली दामन का साथ
वैसे भी जबलपुर में आबकारी विभाग की कमान संभालने वाले अधिकारी ने जब से कारभार संभाला है तभी से भी किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में बने रहे हैं। कभी शराब की ओवर रेटिंग को लेकर तो कभी शराब दुकान के कर्मचारियों के साथ मारपीट मामले का वीडियो वायरल होने के बाद। वैसे तो जिले के कुछ शराब ठेकेदारों के द्वारा उनके खिलाफ पैसों की डिमांड को लेकर गंभीर आरोप भी लगाये। उनके खिलाफ लगने वाले आरोपों की जांच के लिए भोपाल से एक टीम भी आई थी लेकिन ऊपर पहुँच के चलते कहीं कुछ नहीं हुआ।







