10 दिन चार गिरफ्तारी, मालदार आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर
झारखंड बिहार के बाद अब नेपाल तक पुलिस की दस्तक

जबलपुर यश भारत। 11 अगस्त को सिहोरा के खितौला में के इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 15 करोड़ की डकैती को 10 दिन का समय बीत गया है और सही मायने में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। भले ही पुलिस ने चार मददगारों को गिरफ्तार कर घटना की तुलना में मामूली बरामदगी करके हडबडी मैं घटना का खुलासा कर दिया हो लेकिन पुलिस की थ्योरी अभी लोगों के गले नहीं उतर रही है और इसके पीछे प्रमुख वजह यह है कि घटना में 15 किलो के करीब जो सोना लूट गया है उसमें से 5 ग्राम सोना तक पुलिस अभी बरामद नहीं कर पाई है अब यह अलग बात है कि पुलिस अब भी यह दावा कर रही है कि उसके पास ठोस सुराग है और वह जल्द ही न केवल आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लेगी और माल भी बरामद कर लिया जाएगा। हालांकि इस तरह के दावे पुलिस किसी भी बड़ी घटना के बाद अक्सर करती रहती है लेकिन यदि पिछले कुछ सालों की घटनाक्रमों पर नजर डाली जाए तो कई ऐसे मामले निकल आएंगे जो आज भी अनसुलझी
गुतथी है। बिहार झारखंड के बाद अब नेपाल बॉर्डर पर फोकस असली माल लेकर फरार होने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस हाथ पैर तो मार रही है लेकिन अब तक इन चार के अलावा और कोई पुलिस के हाथ ला नहीं लगा है और पुलिस की सबसे बड़ी परेशानी भी यही है। पुलिस हर हाल में उन आरोपियों तक पहुंचाने की कवायद में तो लगी है जिनके पास सोना है। पुलिस का पूरा फोकस माल की बरामदगी पर है वही इस मामले में खुद पुलिस महकमे में इस बात को लेकर चर्चाएं भी है और इन्हीं चर्चाओं से यह बात निकाल कर भी सामने आ रही है कि पुलिस को भी यह आशंका है कि ऐसा ना हो कि मौका पाकर मालदार आरोपी नेपाल तरफ निकल जाएं इसके लिए पुलिस ने नेपाल सीमा पर भी अपना फोकस कर रखा है हालांकि अभी तक किसी महत्वपूर्ण सफलता की जानकारी हाथ नहीं लगी है। हालांकि ऐसे संकेत भी मिले हैं कि पुलिस अब बिहार गुजरात और मध्य प्रदेश के ऐसे सराफा व्यापारियों से भी पूछताछ कर सुराग लगाने की कवायत में लगी है जो सोना गलाने का काम करते रहे हैं। पुलिस को शक है की कही आरोपियों ने माल बेचने या गलवाने के लिए किसी सराफा कारोबारी से संपर्क ना किया हो क्योंकि ऐसे बहुत से लोग हैं जो गुपचुप तरीके से चोरी डकैती का सोने न केवल खरीदने हैं बल्कि उसे गलाने का काम भी करते हैं पुलिस ऐसे लोगों की सूची तैयार कर उन पर भी अपना फोकस किये हुए हैं। नेपाल बॉर्डर की बात हो या सर्राफा व्यापारियों से पूछता इन संकेतों से स्पष्ट होता है कि आरोपी पुलिस की पकड से तो दूर है ही और अब पुलिस भी यह महसूस करने लगी है कि कहीं ना कहीं आरोपी दूर निकल चुके हैं।
फिलहाल बैक फुट पर नजर आ रही पुलिस
जिले की सबसे बड़ी करोड़ों रुपए की डकैती के इस मामले में राई बराबर बरामदगी दिखाकर और चार मददगारों को हिरासत में लेकर पुलिस ने भली ही अपनी पीठ थपथपा ली हो लेकिन वास्तविकता ठीक इसके विपरीत है। आप पुलिस से अपनी सफलता या बड़ी उपलब्धि माने यह उनकी सोचने की बात है लेकिन हकीकत यह है कि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस बैक फुट पर है।







