दमोहl शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए दमोह के ह्रदय स्थल घंटाघर पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे, लेकिन अब ये सिग्नल सिर्फ सड़क की शोभा बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हालात यह हैं कि सालों से अधिकांश सिग्नल बंद पड़े हैं, जिससे इनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है।
शहर के प्रमुख चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि सिग्नल चालू रहते तो न सिर्फ यातायात नियंत्रण में रहता बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होती। मगर जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण ये सिग्नल कब से बेकार पड़े हैं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हर बार यातायात सुधारने की बात करता है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नलों जैसे बुनियादी इंतजामों पर कोई ध्यान नहीं देता। बंद पड़े सिग्नलों के कारण आए दिन घंटाघर चौराहे पर जाम की स्थिति बन जाती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन सिग्नलों की मरम्मत कर उन्हें चालू कराया जाए, ताकि दमोह की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और लोगों को राहत मिले।
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