दूध माफिया पर नकेल कसने जन संगठनों ने खोला मोर्चा कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग सबसे पहले यश भारत ने उठाया था मुद्दा

जबलपुर यश भारत। डेयरी संचालकों के द्वारा भारी बरसात और त्योहार की मौके पर दूध के दामों में की गई बढ़ोतरी लोगों की गले नहीं उतर रही है। डेयरी संचालकों ने हाल ही में दूध के दाम 70 से बढाकर 73 रुपए कर दिए हैं। और वह भी चोरी चोरी चुपके चुपके। डेयरी संचालकों की मनमानी और दूध के दामों में बढ़ोतरी को मुद्दा सबसे पहले यश भारत ने बनाकर हाल ही में समाचार भी प्रकाशित किए थे। और अब इसके बाद शहर के अनेक जन संगठनों ने दूध माफिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है का कलेक्टर दीपक सक्सेना से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। जन संगठनों का कहना है कि दूध माफिया शुद्ध मुनाफाखुरी पर उतर आया है। जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच वरिष्ठ नागरिक संगठन मानव अधिकार संगठन सीनियर सिटीजन वेलफेयर संघ पेंशनर समाज जैसे संगठन अब इस दिशा में आगे आए हैं। संगठनों की पदाधिकारी ने बताया है कि दूध के दामों में बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कलेक्टर के साथ बैठक आयोजित कर दूध के दाम नियंत्रित करने की मांग रखी है।
आंदोलन की चेतावनी
दूध माफिया के खिलाफ मोर्चा खोल चुके संगठनों का कहना है कि यदि जल्दी ही उसे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तो आने वाले दिनों में शहर में इस मुद्दे को लेकर तीव्रजन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
राजनीतिक दलों की चुप्पी आश्चर्य जनक
जनता से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है जो आश्चर्यजनक है। छोटी-छोटी बातों पर शहर को सर पर उठा लेने वाले कथित नेता जनता से जुड़ी इस मामले में मौन धारण किए हैं जिसके कारण डेयरी संचालकों के हौसला बुलंद है
आमतौर पर गर्मी में बढ़ते थे दाम
दूध के दामों में बढ़ोतरी कोई नई बात नहीं है आम आदमी को हर साल इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है। पहले डेयरी संचालक दूध के दामों में दो-तीन चार रुपए की बढ़ोतरी कर देते हैं और जब वह हल्ला मचता है तो एक दो रुपए कम कर देते हैं। लेकिन इस बार तो दूध माफिया ने पूरी प्लानिंग के साथ दूध के दाम बढाये हैं। यदि सूत्रों की मांने इस बार शराब ठेकेदारों की तरह डेयरी संचालकों का सिंडिकेट भी बन गया है और इसी सिंडिकेट ने भारी बरसात में दूध के दाम बढ़ने का निर्णय लिया है। सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि उनकी योजना तो 75 रुपए लीटर दूध बेचने की है और यदि इसमें भी सफल हो जाते हैं तो आम आदमी का बजट ही गड़बड़ा जाएगा।







