4500 सफाई मित्रों और 17 लाख जागरूक नागरिकों ने दिलाया देश में पांचवा स्थान : महापौर

4500 सफाई मित्रों और 17 लाख जागरूक नागरिकों ने दिलाया देश में पांचवा स्थान : महापौर
प्राइम टाइम विद आशीष शुक्ला में जगत बहादुर सिंह अन्नू ने खुलकर रखी अपनी बात
जबलपुर,यश भारत। 4500 साढ़े चार हज़ार सफाई मित्र दिन-रात मेहनत कर 17 लाख लोगों के शहर को साफ रखते हैं। कोरोना जैसी विकट परिस्थितियों में भी इन सफाई मित्रों ने अपना काम जारी रखा, जिसके लिए वे सम्मान के हकदार हैं। दूसरा बड़ा श्रेय जबलपुर के जागरूक नागरिकों को जाता है जो न तो खुद कचरा फेंकते है और न ही दूसरों को फेंकने देते है। माता-पिता भी गलती करते हैं तो बच्चे उन्हें टोकते हैं। इस बढ़ती जागरूकता ने शहर की स्वच्छता में बहुत मदद की है। यह कहना है स्वच्छता रैंकिंग में शहर को पांचवा स्थान दिलवाने वाले महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू का जिन्होंने प्राइम टाइम विद आशीष शुक्ला में खुलकर अपनी बात रखी जिसे आप यश भारत न्यूज़ चैनल के साथ-साथ यश भारत के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विस्तार से देख सकते हैं।

सालों पुराना सपना हुआ साकार
चर्चा के दौरान जबलपुर शहर की स्वच्छता रैंकिंग में देश भर में पांचवां स्थान हासिल करने पर महापौर जगत बहादुर अन्नू ने खुशी जाहिर की है। च्प्राइम टाइम विद आशीष शुक्लाज् में बातचीत के दौरान महापौर ने इस उपलब्धि का श्रेय शहर के सफाई मित्रों और जागरूक नागरिकों को दिया। महापौर अन्नू ने बताया कि जब वह पार्षद थे, तब उनका एक ही सपना था कि जबलपुर सबसे स्वच्छ शहर बने। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि एक पार्षद और महापौर का सबसे बुनियादी काम शहर की सफाई व्यवस्था, जल प्रबंधन और जल-जमाव से बचाना है। उन्होंने याद किया कि कैसे शुरुआती दिनों में जबलपुर की रैंकिंग काफी पीछे, 122वें स्थान पर थी।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार आने के बाद स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लिया गया और महापौर ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया।
3 साल की मेहनत का है फल
महापौर ने बताया कि 3 साल की कड़ी मेहनत के बाद ही जबलपुर 122वें स्थान से 62वें, फिर 13वें और अब पांचवें स्थान पर पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं बहुत बिखरी हुई थीं जिन्हें ठीक करने में समय लगा। जिस दिन उन्हें महापौर का पुरस्कार मिला, उसी दिन स्वच्छता में जबलपुर को पांचवां स्थान प्राप्त होने की जानकारी भी मिली। महापौर ने कहा कि किसी भी ऊंचाई पर पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन उससे भी मुश्किल उस स्थान को बनाए रखना होता है। उनका लक्ष्य अब अगले साल जबलपुर को देश में पहला स्थान दिलाना है और इसके लिए अभी से काम शुरू कर दिया गया है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अगर जबलपुर को नंबर वन बनाना है तो च्एक और एक ग्यारहज् बनना होगा, जैसी जागरूकता इंदौर में देखने को मिलती है।
वायु प्रदूषण और जल प्रबंधन पर भी काम
स्वच्छता के साथ-साथ, महापौर ने वायु प्रदूषण और जल प्रबंधन पर भी किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शहर में धूल कम करने के लिए सड़कों को बेहतर बनाया गया है, सिवरेज के काम तेज किए गए और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए गए। जल प्रबंधन पर महापौर ने कहा कि अब नगर निगम में मटके टूटने बंद हो गए हैं और बरसात में शहर में जल-जमाव से हाहाकार नहीं मचता। उन्होंने बताया कि जबलपुर में केवल 10त्न जल-जमाव और 10त्न जल संकट रह गया है, जिसे अगले साल पूरी तरह से ठीक कर लिया जाएगा। तालाबों पर अवैध कब्जे बंद हो गए हैं और वाटर बॉडीज को पुनर्जीवित किया जा रहा है। मां नर्मदा को भी स्वच्छ किया गया है।
विकास की दौड़ में सबसे आगे आना है
महापौर ने बताया कि नगर निगम ने 5700 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए हैं, जिनमें सड़कें और नालियां बनाना एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने देशभक्ति से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया, जैसे भारत माता मंदिर का जल्द ही लोकार्पण होना और मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा राष्ट्रध्वज जबलपुर में लगाया जाना। अंत में, महापौर जगत बहादुर अन्नू ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों के सहयोग और आशीर्वाद से जबलपुर अगले 2-3 वर्षों में मध्य प्रदेश का सबसे बेहतर शहर बनेगा। उन्होंने अपनी तबीयत ठीक होने की बात भी बताई और कहा कि अब वह फिर से 12-16 घंटे काम कर रहे हैं।







