मध्य प्रदेशराज्य

त्रासदी की बारिश : बारिश में डूब गया घर ,बर्तन ,कपड़े अनाज, सड़क पर आ गया परिवार : राहत और बचाव कार्य जारी

रीवा l रीवा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो चुका हैlनवगठित मऊगंज जिला में विकास की तस्वीरें नहीं, बल्कि त्रासदी के मंजर सामने आ रहे हैं।वार्ड क्रमांक 15 की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहां एक पूरा घर पानी में डूब गया है। घर में कमर तक पानी भर चुका है, अनाज सड़ चुका है, बच्चों के स्कूल बैग तक खराब हो चुके हैं और पूरा परिवार अब बेघर हो गया है।

 

ग़ौरतलब है कि परिवार में 11 लोग हैं, जो अब सड़क पर रहने को मजबूर हैं। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा — ‘छोटे-छोटे बच्चों को अब कहां रखें, कहां सुलाएं?’प्रशासन से गुहार लगाई गई, मामले को लेकर जिला कलेक्टर ने राहत और बचाव कार्य के निर्देश दिए गए। लेकिन बड़ा सवाल यह है — क्या ये कार्रवाई पहले नहीं हो सकती थी?

 

नगर परिषद की कथित तैयारियों और विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत एक ही बारिश ने उजागर कर दी है। बारिश से पहले की गई व्यवस्थाएं और खर्च की गई राशि आखिर गई कहां?

एक गरीब परिवार का घर पानी में डूब चुका है। बर्तन, अनाज, कपड़े, बिस्तर — सबकुछ तबाह हो चुका है।

बच्चों की किताबें और बैग भी पानी में गल चुके हैं।परिवार की हालत ये है कि अब उनके पास न खाना है, न बिस्तर है और न ही सिर पर छत।

बुज़ुर्ग महिलाएं परेशान हैं, बच्चे सहमे हुए हैं — और आंखों में बस एक ही सवाल है… अब कहां जाएंगे?

 

स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की लापरवाही ने इस त्रासदी को जन्म दिया है।अगर समय रहते नाले की सफाई, पानी की निकासी और उचित व्यवस्था होती — तो शायद ये परिवार आज अपने घर में सुरक्षित होता।

 

जिला प्रशासन ने अब राहत कार्य शुरू करने की बात कही है, लेकिन सवाल यही है — क्या इतना देर कर देने के बाद वो राहत पर्याप्त होगी?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button