बहुती जलप्रपात : कभी शांति और सुंदरता का स्थल था, अब बन चुका है ‘मौत का अड्डा…. 1 महीने में ही मिली 5 लाशे

रीवा l” बहुती जलप्रपात से बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आ रही हैl यह मऊगंज जिले की उस कड़वी हकीकत को सामने लाती है, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे।बहुती जलप्रपात — कभी शांति और सुंदरता का स्थल था, लेकिन अब यह बन चुका है ‘मौत का अड्डा’। पिछले एक महीने में 5 लाशें यह जलप्रपात पट गया l

ताज़ा मामला एक 20 वर्षीय युवती का है, जिसकी लाश इसी जलप्रपात में उतारते हुई मिली है l
लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही — कि शव को ले जाने के लिए न तो एंबुलेंस आई, न कोई स्ट्रेचर — प्रशासन ने उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली में डालकर अस्पताल पहुंचाया।
“मऊगंज जिले का सबसे गहरा जलप्रपात — बहुती — अब सिर्फ एक प्राकृतिक स्थल नहीं रहा। यह बन गया है भय, रहस्य और लापरवाही का मिला-जुला चेहरा।
जहां लोग पहले सुकून की तलाश में आते थे, अब वहां लाश मिलना एक सामान्य बात बन चुकी है।इस महीने की शुरुआत से अब तक यहां 5 शव मिल चुके हैं, आज सुबह एक युवती की लाश पानी में दिखी — ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, और शव बाहर निकाला गया।
लेकिन इसके बाद जो हुआ — उसने हर संवेदनशील मन को झकझोर दिया।
शव को सम्मानपूर्वक ले जाने के बजाय, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में लाद दिया गया l
क्या मऊगंज में एंबुलेंस की कमी है? क्या मृतकों के लिए कोई मानवीय व्यवस्था नहीं बची?
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के दावे जरूर हैं — लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है।
न कोई पुलिस चौकी, न गश्त, न कैमरा — बहुती जलप्रपात पूरी तरह भगवान भरोसे है। यह तय है कि बहुती अब ‘घूमने की जगह’ नहीं, ‘गुमनाम मौतों का गवाह’ बन चुका है।”पवन कुमार अवस्थी ए एस आई नईगढ़ी ने बताया कि मामले की जांच जारी है l







