सुहागी में युवक की हत्या को साजिश के तहत बना दिया गया दुर्घटना….घर तक में नहीं लाया गया शव, गुपचुप तरीके से ग्वारीघाट में कर दिया अंतिम संस्कार
माता-पिता घर पर ताला लगाकर गायब, क्षेत्र के लोगों का कहना पुलिस छुपा रही सच्चाई

यश भारत,जबलपुर। क्या ऐसा हो सकता है कि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हो जाये और उसका पीएम भी न कराया जाये और माता-पिता के रहते हुये भी उसका शव घर न लाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाये। कोई नसमझ भी यही कहेगा कि ऐसा किसी भी सूरत में नहीं हो सकता है और यदि ऐसा हुआ है तो तय है कि व्यक्ति की दुर्घटना में मौत नहीं हुई बल्कि उसकी दूसरी वजह से मौत हुई और सच्चाई के छुपाने पूरी सेटिंग से यह खेल खेला गया। इसमें पुलिस के साथ अस्पताल वाले भी शामिल है। दरअसल गत दिनों अधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी में रहने वाले संजू के पुत्र दिलीप उम्र १८ वर्ष की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। अधारताल पुलिस के अनुसार दिलीप सड़क दुर्घटना में घायल हो गयाथा जिसे उसके दोस्त आयुष ने मेडिकल में भर्ती कराया था जिसकी शनिवार की सुबह मौत हो गई। यदि अधारताल पुलिस यह बात सही भी है तो सवाल यह भी उठ रहा है कि दिलीप अधारताल में कंहा सड़क दुर्घटना में घायल हुआ और उसकी घायल करने वाले वाहन कौन सा था, लेकिन इसका जवाब अधारताल पुलिस के पास अभी तक नहीं है। इतना ही नहीं यदि दिलीप के शव का पीएम हुआ था तो उसकी रिपोर्ट कंहा है और दिलीप की मौत हो जाने के बाद शव को उसके घर सुहागी लाने की बजाये ग्वारीघाट मुक्तिधाम में गुपचुप क्यों उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। दिलीप के पिता संजू और उसकी मां सुधा शुक्रवार की रात से ही गायब है और उनके घर पर ताला लगा हुआ है। क्षेत्र में एक चर्चा यह भी सरगर्म है कि दिलीप की हत्या की गई और उसकी हत्या में शामिल लोग काफी ताकतवर है इसलिए उन्होंने पुलिस के साथ अस्पताल वालों को सेट कर लिया। रविवार को सुहागी क्षेत्र में कुछ लोगों को यह भी कहते सुना गया कि दिलीप के मां बाप को दिलीप के मामा अपने साथ ले गये है। दरअसल दिलीप की मौत क्षेत्र के लोग इसलिए संदिग्ध मान रहे है क्योंकि यदि उसकी मौत दुर्घटना के कारण होती तो उसका शव उसके घर सुहागी क्यों नहीं लाया गया और उसके माता पिता किस कारण से घर पर ताला लगाकर गायब है। ग्वारीघाट में गुपचुप तरीके से दिलीप का अंतिम संस्कार क्यों करना पड़ा। दिलीप के किसी रिश्तेदार को भी दिलीप की मौत की जानकारी नहीं हुई ना ही वे अंतिम संस्कार में शामिल हो पाये। क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि अधारताल पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई कि दिलीप को टक्कर मारने वाला वाहन कौन है और घटना स्थल कंहा है। जबकि दिलीप को अस्पताल पहुंचाने वाले उसके दोस्त को इस घटना के संबंध में पूरी जानकारी हो सकती है लेकिन पुलिस ने उससे पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई।







