नोएडा में ISI से जुड़े 2 आतंकी गिरफ्तार,अतिविशिष्टों के घरों पर ग्रेनेड हमले की रच रहे थे साजिश
सोशल मीडिया से रेडिकलाइजेशन

नोएडा,एजेंसी। उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी आईएसआई के लिए काम कर रहे थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े हुए थे. इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद हुआ हैं. ये दोनों संदिग्ध आईएसआई के इशारे पर भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे.एटीएस के मुताबिक दोनों आरोपियों की पहचान बागपत के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान के तौर पर हुई है जबकि दूसरे आरोपी का नाम समीर खान हैं, जो दिल्ली का रहने वाला बताया जा रहा है. इन दोनों की उम्र क़रीब 20 साल के आसपास है. एटीएस को आतंकियों के पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद हुए है. इसके अलावा इनके पास से दो मोबाइल भी एटीएस ने जब्त किए हैं.
आईएसआई के संपर्क में थे आतंकी
एटीएस के मुताबिक दोनों संदिग्ध तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान आईएसआई लिए काम कर रहे थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े हुए थे. ये आरोपी आबिद जट समेत कई हैंडलर्स से संपर्क में बने हुए हैं. इन संदिग्धों को भारत में संवेदनशील ठिकानों की रेकी का टास्क मिला था. ये लोग प्रभावशाली लोगों के घर पर ग्रेनेड फेंकने की साजिश रच रहे थे.
सोशल मीडिया से रेडिकलाइजेशन
जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ पाकिस्तानी यूट्यूबर, ISI के निर्देश पर भारतीय युवाओं को धार्मिक कट्टरता और आर्थिक लालच देकर रेडिकलाइज कर रहे थे. युवाओं से संवेदनशील स्थलों की रेकी कराने, टारगेटेड हमले कराने और आधुनिक हथियारों से हत्याएं करने की योजना बनाई जा रही थी. इस साजिश के प्रभाव में आकर बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के सीधे संपर्क में आ गए और किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे.
बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे
यूपी एटीएस के मुताबिक दोनों संदिग्ध आरोपी स्लीपर सेल भी बना चुके थे. इन्हें आतंकी वारदात के लिए पैसों का लालच दिया गया था. इसके लिए पहले 50 हजार एडवांस और बाद में ढाई लाख रुपये देने का वादा किया गया था. ये दोनों इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क में थे. इन्होंने बंद आईडी के बाद दोबारा अकाउंट बनाया था. एक दूसरे से संपर्क के लिए ये लोग वॉइस और वीडियो कॉल का इस्तेमाल किया करते थे. इन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का लालच दिया गया था. कट्टरपंथी यूट्यूबर्स ने भी लालच दिया था. ये आरोपी मेरठ में रहकर बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे. आरोपी समीर खान के साथ मिलकर प्लानिंग कर रहे थे. इन्हें टीटीएच लिखकर लोगों को जोड़ने का टास्क दिया गया था।







