अभी दिल्ली दूर : टारगेट पूरा करने राह चलते लोगों को मिस्डकॉल करा रहे भाजपाई !
कार्यकर्ता मायूस, भाजपा ने 1168 बूथों पर झोंकी ताकत, हर बूथ पर आज बनाए जा रहे 100 सदस्य

कटनी। सदस्यता अभियान के पहले चरण के आखिरी दिन आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिस्डकॉल कराकर लोगों को पार्टी से जोड़ने में पूरी ताकत लगा दी। जिले के सभी 1168 बूथों पर आज 100 मेंबर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं की टीमें सक्रिय करने की पूरी कोशिशें जारी रहीं लेकिन बड़ी संख्या में बूथ ऐसे रहे जहां पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई, वजह थी उन बूथों पर कार्यकर्ताओं का टोटा। पार्टी ने जिले में 1 लाख सदस्य सदस्य बनाने का दंभ जरूर भर लिया है लेकिन 4 लाख के आंकड़े से वो बहुत पीछे है।
अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आज पार्टी अपने प्रथम चरण का समापन करने जा रही है। इस दिन को खास बनाने पार्टी ने सभी पोलिंग बूथों पर सैकड़ा भर लोगों को सदस्य बनाने की कवायद सारा दिन जारी रखी। इस बार सदस्यता अभियान में पिछली बार जैसा उत्साह नजर नहीं आ रहा। किसी तरह लक्ष्य को पूरा करने राह चलते लोगों को पकड़ पकड़कर कार्यकर्ता मिस्डकॉल करा रहे हैं। लोग इस बार खुदसे भाजपा की सदस्यता लेने को तैयार नहीं दिख रहे। पिछले दिनों अरिंदम होटल में सदस्यता अभियान को गति देने के लिए पार्टी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को बुलवा लिया लेकिन स्थानीय स्तर पर मिस मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं में मायूसी की वजह से हॉल की कुर्सियां खाली पड़ी रही।
कटनी में पार्टी इसलिए ज्यादा प्रेशर में है क्योंकि यह इलाका एमपी के सुप्रीमों वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। यहां अगर सदस्यता अभियान में पिछड़े तो पूरे प्रदेश में किरकिरी होना तय है, इसलिए संगठन के मौजूदा कर्ताधर्ताओं के माथे पर बल पड़ रहे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र को 1 लाख का टारगेट दिया गया है, इस हिसाब से जिले में 4 लाख का आंकड़ा पूरा होना ही चाहिए लेकिन पार्टी इस लक्ष्य से बहुत पीछे चल रही है। दरअसल टीम वीडी ने जिस तरह कटनी में संगठन को अपने हिसाब से हांका है और समर्पित तथा पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है उससे व्यथित लोग सदस्यता अभियान में रुचि ले ही नही रही। दूसरी स्थिति यह है कि जिला संगठन के जिम्मेदार लोगों की विधायकों के साथ पटरी नही बैठ रही, इस वजह से तालमेल का अभाव स्पष्ट दिख रहा है। विधायक सदस्यता अभियान में भागीदारी तो निभा रहे हैं लेकिन इसका श्रेय वे किसी भी सूरत में जिला संगठन के खाते में दर्ज नहीं कराना चाहते इसलिए सबकुछ बिखरा बिखरा सा दिख रहा है।
सूत्र बताते हैं कि सदस्यता में परफारमेंस के आधार पर नेताओं को रिक्त पड़े पदों पर एडजस्ट करने का लालच दिया जरूर गया है लेकिन भोपाल से जो खबर मिल रही है, उसने नेताओं का उत्साह ठंडा भी कर रखा है। खबर यह आ रही है कि निगम, मंडल और प्राधिकरण में अभी सालभर तक कोई नियुक्ति नहीं होना। ज्यादा से ज्यादा एल्डरमैन बनाए जा सकते हैं, इससे ज्यादा फिलहाल कुछ हासिल नहीं होने वाला। जिले के संगठन में एक और स्थिति यह है कि सदस्यता अभियान के बाद संगठन के चुनाव की प्रकिया होगी और इस बार भी इस पर वीडी शर्मा की निगाह होगी। जिले के बाद ही प्रदेश के चुनाव होंगे। मतलब साफ है खुदका फैसला होने के पहले जिलाध्यक्ष की नियुक्ति वीडी शर्मा के हाथ में ही होगी। इसी वजह से कटनी जिले के कार्यकर्ताओं को जिला संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है और इसी उदासीनता का असर सदस्यता अभियान पर पड़ रहा है।







