
जबलपुर,यशभारत। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में गुरुवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक्स-रे विभाग और सेंट्रल लैब के बीच बना करीब 20 फीट लंबा छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जे के धराशाई होते ही तेज आवाज हुई, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि पुरानी बिल्डिंग के इस हिस्से में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में छज्जा गिरने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुराने भवन के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय छज्जे के नीचे कोई मरीज या परिजन मौजूद नहीं था। इसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। छज्जे के मलबे के आसपास लोगों की आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि पुराने भवन के कई हिस्सों की स्थिति चिंताजनक है और समय रहते उनकी जांच व मरम्मत कराया जाना जरूरी है।
जर्जर हिस्सों की जांच की मांग
छज्जा गिरने की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग के अन्य हिस्सों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को देखते हुए भवन के जर्जर हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कराने तथा जहां जरूरत हो, वहां मरम्मत या सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि यदि छज्जा गिरने के समय वहां भीड़ होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।







