भोपालमध्य प्रदेश

प्रदेश के 101 पुलिस वीरों को मिला रुस्तमजी अवॉर्ड, मुख्यमंत्री बोले- गर्व है हमें आपकी खाकी पर

प्रदेश के 101 पुलिस वीरों को मिला रुस्तमजी अवॉर्ड, मुख्यमंत्री बोले- गर्व है हमें आपकी खाकी पर

​भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश पुलिस के जांबाजों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सोमवार को राजधानी के रविंद्र भवन में आयोजित भव्य समारोह में ‘के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार’ से नवाजा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीजीपी कैलाश मकवाना की मौजूदगी में वर्ष 2019-20 और 2021-22 के लिए कुल 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अलंकृत किया। इस दौरान वीरता का प्रदर्शन करने वाले अफसरों को रिवॉल्वर और बार बोर गन भेंट की गईं, वहीं विशिष्ट सेवा के लिए नकद पुरस्कार दिए गए।

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​भावुक हुए डीजीपी: पिता का अधूरा सपना बेटा बना खाकी
​समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना ने अपने जीवन का एक प्रेरक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता 1968 में डीएसपी के पद पर चयनित हुए थे, लेकिन एक सड़क दुर्घटना में लगी गंभीर चोट के कारण उन्हें खाकी वर्दी छोड़नी पड़ी। बाद में वे डिप्टी कलेक्टर पद से रिटायर हुए। डीजीपी ने कहा कि जब मेरा चयन पुलिस में हुआ, तो पिता को सबसे अधिक गर्व हुआ कि उनका बेटा उस खाकी की सेवा करेगा, जो वे नहीं कर पाए थे।

तीन श्रेणियों में मिला सम्मान
​समारोह में परम विशिष्ट श्रेणी के लिए 5 लाख रुपये या हथियार, अति विशिष्ट के लिए 2 लाख रुपये या हथियार और विशिष्ट श्रेणी के लिए 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

​सम्मानित होने वाले अधिकारियों की पूरी सूची

​वर्ष 2019-20 के विजेता
​रिवॉल्वर/हथियार श्रेणी: राजेश सहाय (एसपी लोकायुक्त इंदौर), राजेश तिवारी (सेवानिवृत्त एएसपी), ओम प्रकाश चौंगडे (उप निरीक्षक)।
बार बोर गन श्रेणी: मनोज शर्मा (निरीक्षक, भोपाल), ज्योति तिवारी (महिला आरक्षक, सागर)।

​नकद राशि व प्रशस्ति पत्र:
शालिनी दीक्षित (एआईजी), संदेश कुमार जैन (एएसपी), विनय प्रकाश पॉल (एआईजी), विक्रम सिंह (एएसपी), ममतेश कुमार माली (डीएसपी), निशा रेड्डी (एसडीओपी), अभयराम चौधरी (डीएसपी), अवनीत शर्मा (निरीक्षक), प्रभात शुक्ला (निरीक्षक), रविन्द्र कुमार गौतम (निरीक्षक), सुनील यादव (निरीक्षक), राशिद अहमद (निरीक्षक), नरेन्द्र कुमार मिश्रा (निरीक्षक), कौशलेन्द्र कुमार (निरीक्षक), वीरेन्द्र सिंह धाकड़ (उप निरीक्षक), सौरभ पाण्डेय (उप निरीक्षक), राजन अहिरवार (उप निरीक्षक), संतोष सिंह ठाकुर (उप निरीक्षक), रवि ठाकुर (उप निरीक्षक), अखिलेश वर्मा (उप निरीक्षक), विश्वनाथ शुक्ला (उप निरीक्षक), राजेन्द्र बागरी (उप निरीक्षक), प्रीति पाटिल (उप निरीक्षक), संतोष रघुवंशी (उप निरीक्षक), संजय सूर्यवंशी (सउनि), महेन्द्र सिंह राजपूत (सउनि), पी. चिन्ना राव (प्र.आर.), दीपेश कुमार पटेल (प्र.आर.), ऋषिकेश राय (आरक्षक), राजेश कुमार सेन (आरक्षक), अनुराग कौरव (आरक्षक), राजेन्द्र पटेल (आरक्षक), नीरज रैकवार (आरक्षक), विजय शुक्ला (आरक्षक), अमर तिवारी (आरक्षक), संदीप मीणा (आरक्षक), पुष्पेन्द्र सिंह धाकड़ (आरक्षक), लक्ष्मी नगपुरे (आरक्षक), पुष्पेन्द्र सिंह भदौरिया (आरक्षक), गजेन्द्र सिंह राठौर (आरक्षक), अतुल श्रीवास्तव (आरक्षक), पुरूषोत्तम राय (स.उ.नि.), संकेत शर्मा (स.उ.नि.)।

​वर्ष 2021-22 के विजेता
​रिवॉल्वर श्रेणी: अपूर्व भलावी (एसडीओपी), पंकज कर्मा (निरीक्षक, एटीएस), मनीष जारवाल (निरीक्षक, एटीएस), विजय वास्कले (उप निरीक्षक)।
बार बोर गन श्रेणी: गोपाल प्रसाद खाण्डेल (एएसपी), वैभव श्रीवास्तव (एएसपी), भावना मरावी (एसडीओपी), अवधेश सिंह भदौरिया (उप निरीक्षक), सुनील मिश्रा (आरक्षक), अनिल रावत (आरक्षक)।

​नकद राशि व प्रशस्ति पत्र:
गीता चौहान (डीएसपी), दुर्गेश आर्मी (डीएसपी), रामशंकर सिलावट (डीएसपी), अभिनव कुमार बारंगे (एसडीओपी), महेन्द्र सिंह परमार (निरीक्षक), अनीता सिवड़े (रक्षित निरीक्षक), जयप्रकाश आर्य (रक्षित निरीक्षक), नीलिमा सराफ (निरीक्षक), अभिषेक सोनेकर (निरीक्षक, सीबीआई), राशिद अहमद (निरीक्षक), भारत सिंह गुर्जर (उप निरीक्षक), संतोष सिंह ठाकुर (उप निरीक्षक), श्रृंगेश राजपूत (उप निरीक्षक), संदीप शर्मा (उप निरीक्षक), नीरज बिरथरे (उप निरीक्षक), सुशील अहिरवार (उप निरीक्षक), राहुल कामलिया (उप निरीक्षक), अब्दुल वाजिद (उप निरीक्षक), गोपाल चौबे (उप निरीक्षक), अनुराग यादव (उप निरीक्षक), संजय चौधरी (उप निरीक्षक), मित्रपाल यादव (उप निरीक्षक), राजोल सिंह राजपूत (उप निरीक्षक), राजे सिंह नेगी (उप निरीक्षक), आकाश कुमार शुक्ला (सउनि), विजय सिंह चौहान (सउनि), रामशंकर इवने (प्र.आर.), शिव प्रताप सिंह भदौरिया (आरक्षक), गजेन्द्र सिंह राठौर (आरक्षक), जय कुमार चौधरी (आरक्षक), देवराज सिंह बघेल (आरक्षक), कमलेश सिंह (आरक्षक), बंटी खान (आरक्षक), नरेन्द्र दोहरे (आरक्षक), गजेन्द्र सिकरवार (आरक्षक), वसीम खान (आरक्षक), राम मेहर यादव (आरक्षक), महेश कुमार राठी (आरक्षक), विकास चौधरी (आरक्षक)।

अगला लक्ष्य: प्रदेश होगा ड्रग्स मुक्त
​मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पुलिस बल की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिंहस्थ 2028 एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए 10 हजार नई भर्तियों को जल्द मंजूरी दी जाएगी। वहीं डीजीपी ने संकल्प लिया कि आगामी तीन वर्षों में मध्य प्रदेश को पूरी तरह नारकोटिक्स मुक्त बनाया जाएगा। साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए ‘ई-जीरो एफआईआर’ और पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए नए एमओयू जैसे आधुनिक कदम भी उठाए जा रहे हैं।

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