हीरागंज में करोड़ों रूपए की जमीनों का अवैध नामांतरण, लीजधारियों को बिना रजिस्ट्री किए बनाया भूमि स्वामी, सरकार को राजस्व की हानि, फर्जी नम्बरों से नामांतरण किए जाने का आरोप, अभिलेखागार से गायब हुई दस्तावेजों की फाइल

कटनी, यशभारत। हीरागंज की बेशकीमती जमीनों के अवैध रूपए से नामांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि इस प्रकरण के दस्तावेज तक तहसील कार्यालय व अभिलेखागार में नहीं है। शिकायतों में कहा गया है कि लीजधारियों को तहसीलदार कटनी नगर व एसडीएम द्वारा भूमि स्वामी की रजिस्ट्री किये बिना भूमिस्वामी घोषित कर उनके पक्ष में नामांतरण एवं खसरा हस्तांतरण किया गया है, जिससे राज्य सरकार को राजस्व की हानि हुई है। इस मामले को लेकर गजेन्द्र सिंह पिता लाल विजय सिंह देव निवासी मैत्री कॉलोनी जवाहर नगर सतना के मुक्तयारखास राहुल तिवारी ने बताया कि यह पूरा मामला हीरागंज की सैकड़ों करोड़ की जमीन से हुआ है, जिसमे तहसील कार्यालय व अभिलेखागार से अवैध हस्तांतरण के दस्तावेज नहीं दिए जा रहे हैं। तहसील में फर्जी प्रकरण नम्बरों से रिकार्ड में नामांतरण किया गया है। अब मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदारों को बचा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूमि स्वामी ने इन नामांतरित आराजियों के खसरों में दर्ज प्रकरण नम्बरों की नकल के लिये पहले लोकसेवा केन्द्र में वर्ष 2023 में आवेदन किया था, जिसमें सभी आवेदनों में रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने एवं तहसील न्यायालय से रिकार्ड अप्राप्त लिखकर प्रकरणों के दस्तावेज भूमिस्वामी को उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके बाद भूमिस्वामी ने सूचना के अधिकार का रास्ता अपनाकर 33 प्रकरणों की फाइलों के समस्त दस्तावेज, समस्त आर्डरशीट व आदेशों की प्रमाणित प्रतियों के लिए 25 जनवरी 2024 को तहसीलदार को आवेदन किया। इसे भी कई पहल करने व एसडीएम को अपील करने के बावजूद आज तक इन प्रकरणों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके पश्चात इन 33 प्रकरणों के अलावा अन्य 60 नामांतरित प्रकरणों के लिये भूमिस्वामी ने पुन: पहले लोकसेवा केन्द्र में आवेदन दिया और वहां से रिकार्ड उपलब्ध न होने की जानकारी के बाद 22 जुलाई 2025 को भी एक और आरटीआई लगाया गया, परन्तु इन सभी 93 प्रकरणों की आज तक एक भी फाइल न तो तहसील कार्यालय में और न ही अभिलेखागार में कहीं भी नहीं मिल रही।
सूचना के अधिकार में नहीं दी जा रही जानकारी
आरटीआई में जानकारी देने के लिए जिम्मेदार तहसीलदार कटनी नगर, एसडीएम न तो जिम्मेदारों पर कार्यवाही कर रहे हैं और न ही फर्जी प्रकरण नम्बरों से नामांतरित कराई गई इन जमीनों के विरूद्ध फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी व छलपूर्वक अमानत में खयानत के तहत किये गये अपराध में आज तक एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई। भू-स्वामी द्वारा कुछ अपीलीय प्रकरण, एसडीएम न्यायालय में नामांतरित प्रकरण आदेशों के बिना दायर करने पर एसडीएम न्यायालय भी आज तक प्रकरणों को तहसील न्यायालय से खोज नहीं करवा पाये हैं।
भू-माफियाओं व रहवासियों की सांठ-गांठ
इन सब कारगुजारियों से स्पष्ट दिखाई देता है कि तहसीलदारों द्वारा भू-माफियाओं व रहवासियों की सांठगांठ से फर्जी प्रकरण नम्बर दर्शाकर 93 प्रकरणों के अवैध नामांतरण किये गये हैं और गौरतलब है कि कई लीजधारियों के रहवासी और वारिसों द्वारा अपने नाम नामांतरण कराते ही आराजी को करोड़ो रूपये में दूसरे को रजिस्ट्री करके तुरन्त पटवारी रिकार्ड में उनके नाम नामांतरण भी करा दिये गये।
अब तक नहीं की गई कार्यवाही
भू-माफियाओं की मिलीभगत से राजस्व विभाग के इस फर्जीवाड़ा का खेल संज्ञान में आने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर व राजस्व सचिव ने भी अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं की और शासन को करोड़ो रूपये का चूना लगाने के बावजूद जिम्मेदारों पर रहम कर रहे हैं। ये फर्जी नामांतरण आज तक निरस्त भी नहीं किए गए।
इनका कहना है
हीरागंज की जमीनों के अवैध रूप से नामांतरण को लेकर शिकायतें सामने आई है। यह नामांतरण पूर्व के तहसीलदारों के कार्यकाल में हुए हैं। इसके बाद भी आवेदक को समय-समय पर दस्तावेज और प्रकरण की नकल उपलब्ध कराई गई है, हालांकि अब यह मामला राजस्व न्यायालय में लंबित है।
-अजीत तिवारी, तहसीलदार, कटनी
इस तरह का कोई भी मामला मेरे संज्ञान नहीं है। शिकायत आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
-जितेन्द्र पटेल, एसडीएम कटनी







