जेल में 353 बंदियों को बहनों ने बांधी राखी, 15 महिला बंदियों से मिलने पहुंचे भाई, लिया अपराध की दुनिया से नाता तोडऩे का संकल्प
कटनी, यशभारत। जिला जेल में भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन उत्साहपूर्वक उत्सवी माहौल में मनाया गया। यहां निरुद्ध बंदियों की बहनें सबेरे 8 बजे से ही यहां पहुंचकर जेल में बंद अपने भाई की कलाई में राखी बांधने के लिए पंजीयन कराकर 353 बंदी भाईयों को राखी बांधी और सजा काटने के बाद भविष्य में अपराध की दुनिया से नाता तोडऩे का संकल्प शगुन में मांगा। भाईयों ने भी अपनी बहनों को नेग में अपराध नहीं करने का विश्वास दिलाया। खास बात यह है कि जिला जेल में 15 महिला बंदी भी निरूद्ध है, जिनसे मिलने के लिए भाई पहुंचे और बहनों से राखी बंधवाई। बंदियों को बहनों से जेल के अंदर खुली मुलाकात की बेहतर व्यवस्था जेल प्रबंधन द्वारा की गई थी। जिला जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने बताया कि पुरुष बंदियों को राखी बांधने हेतु मुलाकात केवल उनके परिवार की महिला सदस्य व 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को ही जेल गेट के अंदर प्रवेश दिया गया। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंजीयन किया गया, इसके बाद राखी बंधवाने का सिलसिला शुरू हुआ। मुलाकात के दौरान बाहर से बने किसी भी प्रकार के मिष्ठान अथवा कोई भी अन्य सामग्री को जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। केवल जेल कैंटीन से मिलने वाली रक्षाबंधन विशेष किट राखी, मिठाई, कुमकुम, फल, नारियल एवं रूमाल ही स्वीकार किये गये।
353 बहनों ने बांधीं राखी
जेल अधीक्षक ने बताया कि जिला जेल कटनी में रक्षा बंधन का त्यौहार सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। जिसमें 353 बंदियों की कलाई में बहनों ने जेल में उपस्थित होकर अपने भाई की कलाई में राखी बांधी। इसके अलावा 15 महिला बंदियों से राखी बंधवाने उनके भाई भी जिला जेल पहुंचे थे।








