हर 10 में से 4 छात्र गर्दन कंधे के दर्द से परेशान, एक्सपर्ट ने दिए सुझाव, हर 4०-45 मिनट की पढ़ाई के बाद 5 मिनट का ब्रेक लें, दर्द से मिलेगी राहत

कटनी, यशभारत। बोर्ड परीक्षाओं का दौर चल रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव कई गुना बढ़ गया है। बेहतर प्रदर्शन की चाह में छात्र लगातार 6 से 8 घंटे तक बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में खासतौर पर गर्दन, कंधे और पीठ दर्द के मामलों में तेजी देखी जा रही है। पिछले एक महीने में शहर के फिजियोथेरेपी क्लिीनिक में आने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है जिससे सर्वाइकल पेन और लोअर बैंक पेन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
टेक्स्ट नेक सिंड्रोम बन रहा नई चुनौती
ऑनलाइन पढ़ाई, मोबाइल नोट्स और डिजिटल टेस्ट अब पढ़ाई का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन लगातार झुककर मोबाइल देखने से गर्दन पर सामान्य से 12-15 किलो तक अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। होम्योपैथिक चिकित्सक पूर्व मेडिकल ऑफीसर भोपाल बड़वारा नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी ने यशभारत में बातचीत में बताया कि लगातार बैठने से मांसपेशियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। यदि बीच बीच में ब्रेक और स्ट्रेचिंग नहीं की जाए तो यह दर्द क्रॉनिक रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर 10 में से 4 छात्र गर्दन और कंधे के दर्द से परेशान हैं, जबकि कई छात्रों में पीठ दर्द की शिकायत भी देखने को मिल रही है। समय रहते सही पोस्चर अपनाना और नियमित स्ट्रेचिंग बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह
-हर 40-45 मिनट पढ़ाई के बाद 5 मिनट का ब्रेक ले ।
-पढ़ते समय गर्दन सीधी रखें कुर्सी और टेबल की ऊंचाई सही रखें।
-रोजाना कम से कम 15 मिनट स्ट्रेचिंग करें।
-लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें।







