स्व-सहायता समूह की बजाए निजी एजेंसी चला रही दीनदयाल रसोई, 6 महीने पहले समाप्त हुआ ठेका, नगर निगम से कलेक्ट्रेट पहुंची फाइल, अब टेंडर का इंतजार

कटनी, यशभारत। जिले में दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत रसोई का संचालन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने के शासन स्तर पर निर्देश हैं, लेकिन कटनी जिले में स्व-सहायता समूह की बजाए अन्य अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से दीनदयाल रसोई का संचालन किया जा रहा है। यशभारत ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि तत्कालीन कलेक्टर दिलीप यादव के कार्यकाल के दौरान ही दीनदयाल रसोई का संचालन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने को लेकर फाइल तैयार हो गई थी और टेंडर भी जारी किया जाना था, लेकिन उनके तबादले के बाद से लेकर अब तक फाइल कलेक्टर कार्यालय में धूल खा रही है। नगर निगम के अधिकारियों से जब इसकी जानकारी ली गई तो पता चला कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत संचालित दीनदयाल रसोई के नए टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। कलेक्टर के पास फाइल पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक टेंडर जारी नहीं हो सका है। सवाल यह है कि 6 महीने से टेंडर जारी नहीं कर एक अशासकीय संस्था को फायदा पहुंचाने के पीछे अफसरों का क्या मकसद है। यह सब तब हो रहा है, जब सरकार खुद स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है और रोजगार/व्यवसाय से जोडक़र समूह में काम करने वाली महिलाओं की दिशा और दशा बदलने का प्रयास कर रही है, तो ऐसी स्थिति में सरकार के निर्देशों पर कटनी जिले में अमल नहीं होना आश्चर्यजनक है। यह भी पता चला है कि अभी जो संस्था दीनदयाल रसोई का संचालन कर रही है, उसका टेंडर समाप्त हो चुका है।
विदित हो कि कटनी जिले में दीनदयाल रसोई योजना के अंतर्गत आश्रय स्थल बस स्टेण्ड, नवीन केन्द्र पुराना आरटीओ भवन और जिला चिकित्सालय के पास दीनदयाल रसोई संचालित की जा रही गई है। योजना के अंतर्गत को हर गरीब को पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं संतुलित भोजन 10 रूपये प्रति थाली में उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्या है योजना
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय एवं श्रम कार्य के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब परिवारों का आगमन होता है। नगरीय क्षेत्रों में रैन बसेरा, आश्रय स्थल का निर्माण कर अस्थायी आवास की व्यवस्था की जाती है, परन्तु भोजन की समुचित व्यवस्था न होने से गरीब परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है तथा कार्य एवं व्यवसाय की तलाश में आने वाले गरीब परिवारों को भोजन की व्यवस्था के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है, साथ ही कई गरीब शहरी परिवारों को भी वर्तमान में सस्ते दर पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसे दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में दीनदयाल अन्त्योदय रसोई योजना प्रदेश के 52 जिला मुख्यालयों संचालित की जा रही है।
गंदगी के बीच बन रहा भोजन
प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए शुरू की गई दीनदयाल रसोई योजना का उद्देश्य था कि कोई भी भूखा न सोए और सम्मानपूर्वक 5 रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध हो लेकिन कटनी जिले में इस योजना के तहत भोजन वितरण का कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित रसोई केंद्रों पर साफ सफाई का अभाव देखा जा रहा है। कई जगहों पर भोजन गंदगी, मक्खियों और बदबूदार वातावरण के बीच परोसा जा रहा है, जिससे न केवल भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भोजन स्थल के आसपास कचरे के ढेर लगे होते हैं और न तो नियमित सफाई होती है, न ही कोई निरीक्षण।
केंद्र का नाम
दीनदयाल अन्त्योदय रसोई केन्द्र 01 आश्रय स्थल, बस स्टेंड
दीनदयाल अंत्योदय रसोई केन्द्र 02 सामुदायिक भवन लाल बहादुर शास्त्री वार्ड
दीनदयाल अंत्योदय रसोई केन्द्र 03 पुराना आरटीओ, जिला अस्पताल
इनका कहना है
इस पूरी योजना की मॉनीटरिंग करने वाले सिटी डेवलपमेंट मिशन के मैनेजर यश रजक का कहना है कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत संचालित दीनदयाल रसोई के नए टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। कलेक्टर के पास फाइल पहुंच चुकी है और अब उसकी सहायता समूह के माध्यम से दीनदयाल रसोई के संचालन किया जाएगा।







