सीटी स्कैन मशीन दो दिन से बंद, निजी सेंटरों पर लुटने मजबूर मरीज, जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रही स्वास्थ्य सेवाएं

कटनी, यशभारत। स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जहां एक तरफ राज्य सरकार मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार मुहैया कराने का प्रयास कर रही है तो कटनी जिले में इन सुविधाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है। आए दिन होने वाली अव्यवस्थाओं के बीच अब पिछले दो दिनों से अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। इस खराबी के कारण गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंचने वाले दर्जनों मरीजों को बिना जांच के ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। बुधवार को अस्पताल पहुंचे अमदरा ग्राम निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि वे एक सडक़ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों की स्थिति जानने के लिए सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी। राजेश पिछले दो दिनों से अस्पताल के चक्कर काट रहा है लेकिन मशीन खराब होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। उसने बताया कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं किसी निजी सेंटर में जाकर हजारों रुपये खर्च कर सीटी स्कैन करा सकंू। यहां सरकारी सुविधा के भरोसे आया था, लेकिन अब इलाज में देरी हो रही है।
मरीजों की जेब पर भारी पड़ रही खराबी
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा न मिलने का सीधा फायदा शहर के निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को मिल रहा है। अस्पताल में आने वाले ज्यादातर मरीज गरीब तबके के होते हैं। मशीन बंद होने की स्थिति में मजबूरीवश उन्हें निजी केंद्रों पर 3 हजार से 5 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है जब जिला अस्पताल में मशीनरी या सुविधाओं की कमी देखी गई हो। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहां अक्सर मशीनें तकनीकी खराबी का शिकार रहती हैं या फिर टेक्नीशियन की उपलब्धता नहीं होती।
इनका कहना है
इस संबंध में सिविल सर्जन यशवंत वर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस की वजह से मशीन बंद है। टेक्नीशियन लगे हुए जल्द ही सुविधा दोबारा शुरू की जाएगी।







