सिर्फ खूबसूरती नहीं, जिंदगी भी संवार रही प्लास्टिक सर्जरी हमीदिया में 80% से अधिक री-कंस्ट्रक्टिव ऑपरेशन, महिलाओं में बढ़ी ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन की मांग

- सिर्फ खूबसूरती नहीं, जिंदगी भी संवार रही प्लास्टिक सर्जरी
हमीदिया में 80% से अधिक री-कंस्ट्रक्टिव ऑपरेशन, महिलाओं में बढ़ी ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन की मांग
भोपाल यश भारत। प्लास्टिक सर्जरी अब केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं और जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन और आत्मविश्वास भी दे रही है। हमीदिया अस्पताल में होने वाली प्लास्टिक सर्जरी में 80 प्रतिशत से अधिक मामले री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी के हैं जबकि 10 प्रतिशत से अधिक सर्जरी कॉस्मेटिक और एस्थेटिक जरूरतों से जुड़ी हैं। हाल के वर्षों में महिलाओं में ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन की मांग भी बढ़ी है।विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट आग से झुलसने कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) कटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) और जन्म से जुड़ी उंगलियों की विकृतियों के उपचार में प्लास्टिक सर्जरी अहम भूमिका निभाती है। माइक्रोस्कोप की सहायता से बाल से भी पतली नसों और रक्त वाहिकाओं को जोड़कर प्रभावित अंगों में दोबारा रक्त संचार स्थापित किया जाता है जिससे अंगों को बचाने में सफलता मिलती है। चिकित्सकों का कहना है कि री कंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी मरीजों को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी नया आत्मविश्वास देती है। आधुनिक तकनीकों के कारण अब जटिल मामलों का सफल उपचार संभव हो रहा है जिससे मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट पा रहे हैं।







