कटनीमध्य प्रदेश

सालों लंबित मास्टर प्लान 2035, शहर के विकास की रफ्तार थमी…

मास्टर प्लान लागू होने से बढ़ेगी शहर की सुंदरता, सुधरेगा ट्रैफिक और नागरिकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

तीन साल से लंबित मास्टर प्लान 2035, शहर के विकास की रफ्तार थमी…

मास्टर प्लान लागू होने से बढ़ेगी शहर की सुंदरता, सुधरेगा ट्रैफिक और नागरिकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएंScreenshot 20260423 110339 Google Screenshot 20260423 110507 Chrome

कटनी, यशभारत। शहर के सुनियोजित विकास की रीढ़ माने जाने वाला मास्टर प्लान 2035 पिछले तीन वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है, जिससे कटनी के विकास की रफ्तार पर सीधा असर पड़ रहा है। नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय में यह महत्वपूर्ण योजना धूल खा रही है, जबकि इससे जुड़े कई अधिकारियों को इसकी वर्तमान स्थिति तक की स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस लापरवाही को लेकर अब शहरवासियों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी गंभीर मुद्दे को उठाते हुए पूर्व सांसद प्रतिनिधि मिट्ठू लाल जैन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि कटनी जिले का मास्टर प्लान 2035 राज्य शासन द्वारा पहले ही कई त्रुटियों के कारण बिना अनुमोदन के वापस भेजा जा चुका है, साथ ही उसमें आवश्यक संशोधन कर पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद तीन वर्षों से यह योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है और स्थानीय स्तर पर इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण योजना की स्थिति तक की जानकारी नहीं है, जबकि सहायक संचालक की भूमिका भी इस मामले में बेहद शिथिल बनी हुई है। उन्होंने प्रमुख सचिव से आग्रह किया है कि मामले में तत्काल संज्ञान लेकर लंबित प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
मिट्ठू लाल जैन ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि कटनी नगर निगम के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 में स्थित समस्त रिक्त निजी भूमि को वर्तमान “ग्रीन लैंड” श्रेणी से हटाकर “येलो लैंड” (आवासीय क्षेत्र) के रूप में दर्ज किया जाए। साथ ही, मास्टर प्लान के नक्शे में इन क्षेत्रों को ग्रीन के स्थान पर येलो रंग में दर्शाते हुए शामिल किया जाए, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप शहर का विस्तार व्यवस्थित ढंग से हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रीन ज़ोन की बाध्यता के कारण आम नागरिकों को अपने भूखंडों पर मकान निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि इन क्षेत्रों को आवासीय ज़ोन में शामिल किया जाता है, तो नागरिकों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से आसानी से स्वीकृति मिल सकेगी और वे नियमानुसार अपने आवास का निर्माण कर पाएंगे।
सुविधाओं का होगा विस्तार…
शहर के जानकारों का मानना है कि मास्टर प्लान 2035 लागू होने से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग, जल निकासी, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं का संतुलित विकास भी सुनिश्चित होगा। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सकेगा।
नागरिकों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सांसद, विधायक और महापौर सहित सभी जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर आकर ठोस पहल करनी चाहिए। लोगों में यह भी नाराज़गी है कि शहर में मंत्री और जनप्रतिनिधि आते-जाते रहते हैं, लेकिन कटनी के दीर्घकालिक विकास जैसे गंभीर विषय पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तो दायर करेंगे जनहित याचिका…
पत्र में स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि राज्य शासन द्वारा एक माह के भीतर इस मामले में जनहित में कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
शहरवासियों को अब उम्मीद है कि शासन इस लंबे समय से लंबित मास्टर प्लान को शीघ्र अनुमोदित कर कटनी के विकास को नई दिशा देगा, ताकि शहर व्यवस्थित, सुंदर और सुविधायुक्त बन सके।

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