सागर में जहरीली शराब और बालाघाट में बच्चों की मौतों पर सरकार जवाब दे : सपा बंडा कांड की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की अपील

सागर में जहरीली शराब और बालाघाट में बच्चों की मौतों पर सरकार जवाब दे : सपा
बंडा कांड की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की अपील
भोपाल यश भारत। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों और बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की मौतों को लेकर समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दोनों घटनाएं प्रदेश की स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सपा ने कहा कि सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत की पुष्टि सामने आई है और बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की है। मीडिया रिपोर्टों में शराब में मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी की बात भी सामने आई है । पार्टी ने दावा किया कि उसके सागर जिला अध्यक्ष राजेश अठिया ने 23 जुलाई को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री की शिकायत की थी। सपा ने मांग की है कि इस ज्ञापन पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की इसकी जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय की जाए। पार्टी ने शराब की आपूर्ति के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा शराब के उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आने की बात कही जा रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर से लेकर बाहरी आपूर्ति तंत्र तक पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है। मीडिया रिपोर्टों में भी ललितपुर कनेक्शन और नकली शराब के मामले की जांच का उल्लेख है।
बालाघाट में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
सपा ने बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की मौतों को भी गंभीर मामला बताया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बड़े स्तर पर जांच की है। 16 अगस्त तक 2780 लोगों की जांच में 236 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी, जबकि 152 मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से 100 स्वस्थ होकर घर लौट चुके थे। पार्टी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया के साथ अन्य संक्रामक बीमारियों कुपोषण स्वच्छ पेयजल की कमी और समय पर उपचार उपलब्ध होने जैसे पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। विभिन्न रिपोर्टों में बच्चों की मौतों के आंकड़े अलग अलग समय पर अलग रहे हैं, इसलिए वास्तविक कारण और संख्या स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है। सपा ने प्रभावित आदिवासी गांवों में तत्काल मेडिकल कैंप लगाने बच्चों की स्वास्थ्य जांच और पोषण व्यवस्था मजबूत करने स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा मृत बच्चों के परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
समाजवादी पार्टी ने कहा कि सागर में अवैध शराब को लेकर पहले शिकायत किए जाने के बावजूद यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पार्टी ने कलेक्टर एसपी बंडा एसडीएम तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। सपा ने सागर के बंडा मामले में प्रशासनिक एवं आबकारी विभाग की कथित लापरवाही की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा के इस्तीफे की मांग भी की है। पार्टी की प्रमुख मांगों में बंडा शराब कांड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच 23 जुलाई के ज्ञापन पर हुई कार्रवाई की जांच अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का खुलासा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई शामिल है। साथ ही बालाघाट में बच्चों की मौतों के वास्तविक कारणों की जांच कर प्रभावित गांवों में इलाज पोषण दवाओं और स्वच्छ पेयजल की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की गई है। सपा ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि इंसानी जिंदगी और सरकार की जवाबदेही का सवाल है। सरकार को आंकड़ों और दावों से आगे बढ़कर प्रभावित परिवारों को न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।







