शिक्षा विभाग में समाप्त नहीं हुआ अटैचमेंट का खेल: कलेेक्ट्रेट से लेकर जेडीई के दफ्तर में तैनात है शिक्षक

जबलपुर, यशभारत। शिक्षा विभाग में अपनों को उपकृत करने का खेल बदसूरत जारी है। शिक्षकों का मन स्कूल में पढ़ाने से ज्यादा दफ्तरों में ड्यूटी करने में ज्यादा लगता है। ताजा उदाहरण कमरा नंबर 9 में तैनात शिक्षक दिलीप सिंह ठाकुर है जिसने गुरूवार को कुछ महिलाओं से छेडख़ानी की, नशे की हालत में घटना को अंजाम देने के बाद शिक्षक शर्मिंदगी महसूस कर रहा था।
ढेरों शिक्षक कलेक्ट्रेट में अटैच
स्कूल शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश है कि सरकारी कार्यालयों में शिक्षक का अटैचमेंट किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। बाबजूद कलेक्ट्रेट में ढेरों शिक्षक अटैच होकर आराम फरमा रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि शिक्षक यहां पर आपदा से लेकर सीएम हेल्पलाइन जैसे कार्यो को देख रहे जबकि यह काम कलेक्ट्रेट के बाबुओं का है।
परीक्षा के समय स्कूलों में होना जरूरी है शिक्षकों को
जानकर हैरानी होगी इस माह से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही है जबकि स्थानीय परीक्षाएं 9वीं-11वीं की मार्च में शुरू होगी। बाबजूद शिक्षकों को कलेक्ट्रेट और संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में अटैच करके रखा गया है। ऐसे में स्कूलों का शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्राचार्य ने कहा 2.30 स्कूल से जाओ शिक्षक ने आना ही बंद कर दिया
अटैचमेंट के नाम पर शिक्षक किस तरह से आराम फरमा रहे हैं इसका अंदाजा गणेशगंज रांझी स्कूल से लगाया जा सकता है। दरअसल संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में स्कूल के शिक्षक को सीएम हेल्पलाइन कार्य देखने के लिए अटैच किया गया है लेकिन इसके पीछे शर्त रखी गई थी कि शिक्षक 2.30 बजे के बाद जेडीई आफिस आएगा। शिक्षक को जब प्राचार्य ने कहा कि आप 2.30 स्कूल से जाओगे तो शिक्षक ने स्कूल आना ही बंद कर दिया।






