शराब नहीं ‘जहर’ बांटा: 40 परिवारों का उजड़ा आशियाना: आरोपी ठेकेदार अब भी फरार, रिसोर्ट सील

सागर, यशभारत । जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है, जिससे तीन दर्जन से अधिक परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।

34 आरोपी नामजद, 18 गिरफ्तार
मामले की जांच कर रही पुलिस ने अब तक 34 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी और लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
फरार आरोपी के रिसोर्ट पर चला प्रशासन का चाबुक
कार्रवाई के क्रम में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ नेशनल हाईवे-44 पर बामोरा स्थित आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा के ‘पाथवे रिसोर्ट’ और ‘सुरुचि इन’ पहुंचा। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक गहन तलाशी ली और पंचनामा तैयार करने के बाद रिसोर्ट एवं रेस्टोरेंट को पूरी तरह सील कर दिया।
प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस त्रासदी ने पुलिस और आबकारी विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते अवैध शराब की बिक्री और नेटवर्क पर नजर रखता, तो इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जान न जाती। घटना के बाद हरकत में आए प्रशासन की इस देरी से हुई कार्रवाई को लेकर जनता में गहरा असंतोष है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन केवल मामला ठंडा होने तक ही मुस्तैद दिखेगा या फिर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ कोई स्थायी और सख्त नीति अपनाई जाएगी।







