विश्व पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षारोपण, हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
जिला पंचायत सीईओ ने लगाया अशोक का पौधा, एक कर्मचारी-एक पौधा’ अभियान में निभाई भागीदारी

विश्व पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षारोपण, हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
जिला पंचायत सीईओ ने लगाया अशोक का पौधा, एक कर्मचारी-एक पौधा’ अभियान में निभाई भागीदारी

कटनी,यशभारत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पंचायत परिसर में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने “मां की बगिया 2.0” तथा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अशोक का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए और हमारे भविष्य के लिए” का उल्लेख करते हुए पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य सहित अन्य अधिकारियों ने अशोक एवं पॉम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी मनरेगा ऋषिराज चढ़ार, जिला प्रबंधक स्वच्छ भारत मिशन कमलेश सैनी, सहायक परियोजना अधिकारी विजय लक्ष्मी मरावी, योगेंद्र कुमार असाटी, धनराज चौधरी, नरेश राठौर सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
वहीं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कटनी कार्यालय परिसर में भी विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य ने पौधारोपण कर की। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नीम, पीपल, तुलसी एवं गुलमोहर जैसे छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए।
अभियान के दौरान “एक कर्मचारी-एक पौधा” संकल्प के तहत प्रत्येक कर्मचारी ने एक पौधा रोपित कर उसकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी आर.के. जैन, उपयंत्री रोहित गौतम, संभागीय लेखा अधिकारी रजत मौर्य सहित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।







