लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा : फरियादी ही निकला साजिश का मुख्य सरगना

दमोह। जबलपुर नाका चौकी, थाना दमोह देहात क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि जिस युवक ने खुद को लूट का फरियादी बताया था, वही पूरी साजिश का मुख्य सरगना निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार 8 अगस्त 2026 को घनश्याम अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाश उसकी साथी ट्रेनी जूही चंदेल के हाथ से माइक्रो फाइनेंस कंपनी की करीब 1.23 लाख रुपये की कलेक्शन राशि से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। मामले में अपराध क्रमांक 549/2026, धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह आनंद कलादगि (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
जांच के दौरान पुलिस को फरियादी घनश्याम अहिरवार की भूमिका संदिग्ध लगी। पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी संजय सौर (22) और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक (18), दोनों निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर के साथ मिलकर लूट की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास लूटी गई राशि में से 1,17,335 रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें से करीब 12,335 रुपये खर्च करने के बाद शेष 1,05,000 रुपये आपस में बांट लिए गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर 1.05 लाख रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 1.83 लाख रुपये बताई गई है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में घनश्याम अहिरवार, संजय सौर और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।







