जबलपुरमध्य प्रदेश

लापरवाही एवं भ्रष्टांचार की भेंट चढ़ी रेट्रोफिटिंग नलजल योजना: गन्दा पानी पीने को मजबूर हैं आमजन

 

मंडला। आदिवासी बाहुल्यी जिला मंडला के अंतर्गत आने वाली विकासखंड मोहगांव में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार कि जड पूर्व से मजबूत है और विकासखंड मुख्यालय से लेकर समूचे विकासखंड मोहगांव में शासन द्वारा आमजन के लिए स्वीकृत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों पर विभागीय अधिकारियों एवं सम्बंधित कार्य का निर्माण एजेन्सी के द्वारा जमकर कर भ्रष्टाचार किया जाता है।

 

वह चाहे जितना भी महत्वपूर्ण और आवश्यक कार्य ही क्यों ना हो। ऐंसे कई उदाहरण विकासखंड मुख्यालय मोहगांव सहिंत पूरे क्षेत्र में देखने को मिल जायेंगे। आइए हम आपको विकासखंड मुख्यालय मोहगांव में निर्माणाधीन व लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के नीचे दबे रैट्रोफिटिंग नलजल योजना कि हकीकत बताते हैं। आपको बता दें कि वर्ष 2020-21 में ग्रामीण नलजल प्रदाय योजना के तहत विकासखंड मुख्यालय मोहगांव के ग्रामीणों द्वारा पूर्व से किए जा रहे पीने के पानी की मांग को देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत ग्राम मोहगांव माल में रैट्रोफिटिंग नलजल योजना के तहत कार्य स्वीकृत किया गया था जिसकी लागत 1 करोड 23 लाख 14 हजार रुपए है एवं विगत वर्ष में दिनांक 30-8-2021 दिन सोमवार को मंडला सांसद एवं केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, भारत सरकार, तत्कालीन राज्यसभा सांसद श्रीमती सम्पतिया उइके निवास विधानसभा के तत्कालीन विधायक डां.अशोक मर्सकोले, तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष मंडला, श्रीमती सरस्वशती बाई मरावी सहित क्षेत्रीय एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि व ग्राम के वरिष्ठजनों कि उपस्थिति में उक्त स्वीकृत कार्य का भूमिपूजन किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कार्य को निर्माण ऐजेंसी द्वारा एक वर्ष में पूर्ण करने का समय दिया गया था किंतू कार्य को शुरू हुए लगभग दो वर्ष पूर्ण हो चुके है किंतू आज भी उक्त कार्य अपूर्ण है और उक्त पानी फिल्टर सिर्फ एक शो-पीस बनकर रह गया है।

 

आज भी विकासखंड मुख्यालय मोहगांव के आमजन साफ पानी पीने को मोहताज हैं। अब देखने वाली बात यह है कि क्या भविष्य में इस करोड रूपयों की लागत से निर्मित पानी फिल्टर से मोहगांव के लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध हो पाएगा या फिर विकासखंड में पूर्व से जड जमाए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।

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