कटनी

लमतरा हादसा : कब तक बहेगा बेकसूरों का लहू…बस और ओव्हरलोड हाईवा के बीच सीधी भिंड़त में तीन की मौत, ढाई दर्जन घायल, तीन जबलपुर रिफर

कटनी, यशभारत। कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत लमतरा ओव्हर ब्रिज के पास रविवार की शाम एक निजी यात्री बस और पत्थरों से लदे ओवरलोड हाइवा की आमने-सामने भिड़ंत ने एक बार फिर कई सवाल खड़ेे कर दिए हैं। यहां लगातार हो रहे हादसे के बाद भी प्रशासन चेत नहीं रहा है। इस हादसे ने तीन लोगों की जान ले ली तो वहीं ढाई दर्जन लोग घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और बस 20 फीट दूर जाकर पलट गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और दर्दनाक मंजर देखने को मिला। कई यात्री बस के नीचे दब गए तो कई खून से लथपथ। हादसे में किशन कोल 30 निवासी कुसमा, नीलम प्रजापति 26 निवासी झिरिया और राजू चौधरी 30 निवासी खरखरी की मौत हो गई, तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रिफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक निजी यात्री बस क्रमांक एमपी 19 पी 0347 लमतरा ओव्हर ब्रिज के पास पहुंची ही थी, तभी सामने से आ रहे ओवरलोड हाइवा से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। बस में 35 यात्री सवार थे। जैसे ही बस लमतरा ब्रिज पार कर कैमोर मार्ग की ओर मुड़ी, सामने से तेज रफ्तार से आ रहे पत्थरों से भरे हाइवा ने उसे जोरदार ठोकर मार दी, जिससे बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और बस अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में सवार अधिकांश यात्री अपने-अपने गांवों और गंतव्यों की ओर जा रहे थे। कोई बाजार से लौट रहा था तो कोई रिश्तेदारी से वापस घर जा रहा था। ठोकर के बाद लोग एक दूसरे के ऊपर जा गिरे।

केबिन में फंस गया चालक
हादसे के बाद सबसे भयावह स्थिति उन यात्रियों की थी, जो बस के पलटने के बाद उसके नीचे दब गए थे। दो यात्री बस के नीचे फंसे थे, जबकि बस का चालक केबिन में फंस गया था। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने बस के शीशे तोड़े और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। कुछ ही देर में कुठला थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया सहित तीन थानों की पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की टीम और एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गई।
मौके पर बुलवाई गई क्रेन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल क्रेन मंगवाई। बस के नीचे दबे यात्रियों और हाइवा के केबिन में फंसे चालक को निकालने के लिए 35 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पुलिस, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से बचाव कार्य किया। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल पहुंचाया घायलों को
दुर्घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। गंभीर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया गया। अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों की भीड़ जमा हो गई। कोई अपने बेटे की तलाश कर रहा था तो कोई अपनी पत्नी या रिश्तेदार को कोई अपने के लिए इधर.उधर भटक रहा था। कई परिजनों की आंखों में अपनों की चिंता साफ दिखाई दे रही थी।
ये हुए घायल
दुर्घटना में रमा बर्मन, वर्षा बर्मन, शिवा बर्मन, सूर्या बर्मन, शैलेष सोनी, रीता चक्रवर्ती, अंजनी कुशवाहा, वीर कुशवाहा, चांदनी कुशवाहा, रंजना पाल, वंशिका लोधी, संध्या सोनी, रामवीर सोनी, ओमप्रकाश पटेल, दिवाकर दुबे, देवीदीन रजक, जितेन्द्र मिश्रा, अमित पटेल, मेल्ली आदिवासी, प्रेमबाई पटेल, कृष्णा बाई, भूरा चौधरी, राधा बाई, प्रेमलाल चौधरी, रानी देवी, पार्वती बाई, मिल्ली बाई और सोनेलाल कुम्हार सहित 29 यात्री घायल हुए।
डायल-112 और एंबुलेंस चालकों की भूमिका सराहनीय
लमतरा हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैदी के साथ जुटी रही। हादसे की सूचना मिलते ही एनकेजे थाने की डायल 112 ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डायल-112 के पायलट उदय विश्वकर्मा एवं रण विजय सिंह ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल और अस्पताल में घायलों की स्थिति की जानकारी ली तथा राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार, पटवारी सहित प्रशासनिक अमला तत्काल सक्रिय हो गया। अस्पताल में भी आपात स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गर्ईं। यहां तक कि अवकाश पर चल रहे कई चिकित्सक भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का उपचार किया। इस दौरान निजी एंबुलेंस चालकों का योगदान भी सराहनीय रहा। एंबुलेंस चालक लगातार घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ उन्हें स्ट्रेचर के माध्यम से ओपीडी और वार्ड तक पहुंचाने में सहयोग करते रहे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, डायल-112 और निजी एंबुलेंस कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सका, जिसकी स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
दुर्घटना में गंभीर घायल तीन मरीज जबलपुर रिफर
दुर्घटना के बाद 29 घायलों में से 23 घायलों का जिला चिकित्सालय और 3 घायलों का कन्हवारा शासकीय अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राज सिंह ठाकुर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय रंजना पाल निवासी खेरई कैमोर की कूल्हे की हड्डी टूटने की वजह से जिला चिकित्सालय में प्रारंभिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा दो मरीज भी जबलपुर रिफर किए गए हैं।
कलेक्टर-एसपी पहुंचे जिला अस्पताल
लमतरा फाटक के समीप यात्री बस और ओवरलोड हाइवा के बीच भीषण भिंड़त की जानकारी मिलते ही कलेक्टर आशीष तिवारी और पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा जिला चिकित्सालय पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण कर घायलों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों को घायलों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गंभीर घायलों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए।
घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए सांसद ने
रविवार को खजुराहो सांसद वी डी शर्मा कटनी जिले के प्रवास पर थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही वे भी जिला चिकित्सालय पहुंचे और दुर्घटना में घायल लोगों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने चिकित्सकीय दल से चर्चा कर उपचार की जानकारी ली तथा सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सांसद ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। हादसे के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही।
अस्वस्थ होने के बाद भी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे विधायक
लमतरा हादसे की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल अस्वस्थ होने के बाद भी स्वयं को रोक नहीं पाए और जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। बताया जाता है कि विधायक संदीप जायसवाल का कुछ दिन पूर्व ही पथरी का ऑपरेशन हुआ था। चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी लेकिन बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने अपनी सेहत की परवाह किए बिना अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया। जिला अस्पताल में घायलों से मुलाकात के दौरान विधायक ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा मेरा पहला कर्तव्य है। हादसे में घायल लोग अस्पताल में दर्द से कराह रहे हों और मैं घर पर आराम करता रहूं, यह मुझसे नहीं हो सकता। परिवार के लोगों ने मुझे उठने से मना किया था लेकिन मेरा ध्यान उन लोगों पर था, जो अस्पताल में उपचार के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसलिए में तत्काल जिला अस्पताल पहुंचा। विधायक के अस्पताल पहुंचने से घायलों और उनके परिजनों को संबल मिला।
बस एवं हाइवा के फिटनेस व परमिट निरस्त, चालकों के लाइसेंस निलंबित
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर एआरटीओ संतोष पाल ने दुर्घटना में शामिल यात्री बस नंबर एमपी 19 पी 0347 और ओवरलोड हाइवा नंबर एम पी 21 एच 2099 के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र एवं परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। एआरटीओ ने बस मालिक पंकज गुप्ता घंटाघर रोड निवासी मसुरहा वार्ड और हाइवा के मालिक अनिल कुमार सुहाने बाल गंगाधर वार्ड नंबर 4 निवासी रिलायंस पेट्रोल पंप पन्ना मोड़ को फिटनेस प्रमाण पत्र एवं परमिट तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का पत्र दिया है और मूल परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र आरटीओ कार्यालय में जमा करने को कहा है। इसके साथ ही बस एवं हाइवा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिजन को दी सहायता
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लमतरा ब्रिज के पास हुई सडक़ दुर्घटना में बस यात्रियों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि सडक़ दुर्घटना में बस यात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा घायल यात्रियों को शीघ्र स्वस्थ करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजन को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दुर्घटना में घायल यात्रियों के समुचित इलाज और गंभीर रूप से घायल एक यात्री को 01 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को शांति देने और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजन के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।

 

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