रेल कोच रेस्टोरेंट की बजाए बनाया लॉन कम कंटेनर रेस्टोरेंट, टेंडर में सामने आई गड़बड़ी, कटनी मुड़वारा स्टेशन का मामला, रेलवे के वाणिज्य विभाग में मचा हडक़म्प

कटनी, यशभारत। कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन के बाहर रेल कोच रेस्टोरेंट के स्थान पर लॉन कम कंटेनर रेस्टोरेंट के निर्माण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रेलवे की योजना यहां पर रेल कोच रेस्टोरेन्ट बनाने की थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस मामले में अब कई तरह की जानकारियां निकलकर सामने आ रही है। शिकायतों में कहा गया है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ पहुंचाया गया। इस मामले के सामने आने के बाद अब पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के वाणिज्य विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है। आरोप है कि रेलवे द्वारा जारी किए गए प्रारंभिक टेंडर दस्तावेज में जिस स्थान को रेस्टोरेंट के लिए चिन्हित और प्रदर्शित किया गया था, वास्तविक आवंटन के समय उसे पूरी तरह बदल दिया गया। नियमों को दरकिनार कर चयनित लाइसेंसधारी को न सिर्फ दूसरी जगह दी गई, बल्कि मूल नक्शे से कहीं अधिक बड़ा और व्यावसायिक रूप से अधिक कीमती भू-भाग उपलब्ध करा दिया गया। कंटेनर रेस्टोरेंट के भौतिक ढांचे को लेकर भी रेलवे की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेशन परिसर में नियमों के विपरीत दो मंजिला निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। टेंडर की मूल शर्तों के अनुसार केवल अस्थायी कंटेनर स्ट्रक्चर की अनुमति होती है। ऐसे में एक आरटीआई आवेदन में पूछा गया है कि क्या इस टेंडर में दो मंजिला निर्माण या किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण की अनुमति थी। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी ने रेलवे की टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप लगाया गया है कि टेंडर की मूल शर्तों में कथित बदलाव कर एक निजी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता संदेह के घेरे में आ गई है। फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये आरोप आरटीई आवेदन में उठाए गए प्रश्नों और दावों पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले रिकॉर्ड और आधिकारिक जवाब के बाद ही हो सकेगी। यदि दस्तावेज आरोपों की पुष्टि करते हैं, तो मामला रेलवे की टेंडर प्रक्रिया और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।






