यश भारत खबर का असर : जागे जिम्मेदार, सड़कों पर मिले मवेशी तो भेजे जाएंगे गौशाला
तीन मवेशियों की मौत की खबर के बाद कार्रवाई; फिर कार की टक्कर से एक और गाय की मौत

यशभारत करंजिया। करंजिया मुख्य मार्ग पर लगातार हो रहे मवेशी हादसों को लेकर यश भारत द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबर का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखाई देने लगा है। तीन बेजुबान मवेशियों की मौत के मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) बजाग के निर्देश पर ग्राम पंचायत ने पशु मालिकों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं।
जारी सूचना में सभी पशुपालकों को अपने गाय, बैल एवं अन्य मवेशियों को अनिवार्य रूप से पशु शेड (सार कोठे) में बांधकर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए दो दिन का समय निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद यदि कोई मवेशी मुख्य मार्ग या सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस हालत में घूमता या बैठा पाया गया, तो उसे पकड़कर सीधे मोहतरा गौशाला भेज दिया जाएगा।
आदेश के कुछ घंटों बाद फिर हादसा
प्रशासनिक आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद करंजिया मुख्य मार्ग पर एक और दर्दनाक हादसा सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार रात करीब 9:30 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार सड़क पर बैठे गोवंश से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाय गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गई और उपचार के प्रयासों के बावजूद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने तत्काल पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर उपचार कराया, लेकिन गाय को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने एक बार फिर रात के समय सड़कों पर बैठे मवेशियों से उत्पन्न खतरे को उजागर कर दिया है।
पहले तीन मवेशियों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि दो दिन पहले तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच करंजिया मुख्य मार्ग पर एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर बैठे तीन मवेशियों को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर यश भारत ने पुलिस पेट्रोलिंग, सड़क सुरक्षा और लावारिस पशुओं की समस्या को प्रमुखता से उठाया था।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रशासन अब सख्ती के मूड में दिखाई दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय कर तथा सड़कों से मवेशियों को हटाकर हादसों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। वहीं क्षेत्रीय नागरिकों ने भी प्रशासन से नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि बेजुबान पशुओं और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।







