भोपालमध्य प्रदेश

एम्स भोपाल और डीआरडीओ में हुआ शोध सहयोग समझौता सैनिकों के स्वास्थ्य, उच्च पर्वतीय परिस्थितियों और स्वदेशी चिकित्सा तकनीकों पर होगा संयुक्त अनुसंधान

Research collaboration agreement signed between AIIMS Bhopal and DRDO Joint research to be conducted on soldiers' health, high-altitude conditions, and indigenous medical technologies.

एम्स भोपाल और डीआरडीओ में हुआ शोध सहयोग समझौता

सैनिकों के स्वास्थ्य, उच्च पर्वतीय परिस्थितियों और स्वदेशी चिकित्सा तकनीकों पर होगा संयुक्त अनुसंधान

भोपाल, यश भारत। एम्स भोपाल और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एंड एलाइड साइंसेज डीआईपीएएस के बीच चिकित्सा एवं रक्षा शरीर क्रिया विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एम्स भोपाल की ओर से कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. माधवानन्द कर तथा डीआईपीएएस की ओर से निदेशक देवकान्त पहाड़ सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के तहत अत्यधिक ऊंचाई कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और युद्ध जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में तैनात सैनिकों के स्वास्थ्य कार्यक्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त अनुसंधान किया जाएगा। दोनों संस्थान उच्च पर्वतीय शरीर क्रिया संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान तनाव प्रबंधन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग पहनने योग्य तकनीक वेयरेबल टेक्नोलॉजी और एर्गोनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे। समझौते के तहत एम्स भोपाल की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का भी उपयोग किया जाएगा। डीआईपीएएस के वैज्ञानिकों ने फिजियोलॉजी कम्प्यूटेशनल 3 डी मॉडलिंग बायोमैकेनिक्स और एफएसीएस प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। दोनों संस्थानों का मानना है कि यह साझेदारी रक्षा चिकित्सा जैव चिकित्सा अनुसंधान और स्वदेशी तकनीकों के विकास को नई गति देने के साथ देश की स्वास्थ्य एवं रक्षा क्षमताओं को भी मजबूत करेगी।

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