भारी पड़ी फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी, स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल पर नगर निगम ने ठोंका 10 लाख का जुर्माना, 7 दिन में सील करने की चेतावनी, जेपीवी डीएवी स्कूल अग्निकांड के बाद एक्शन

कटनी, यशभारत। जेपीव्ही डीएव्ही स्कूल में पिछले दिनों हुए अग्नि दुर्घटना को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। बच्चों और आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रखने वाले संस्थानों को नगर निगम ने आड़े हाथों लेकर शहर के 15 बड़े संस्थानों पर 10 लाख का जुर्माना ठोंका है और रकम की अदायगी नहीं करने पर 7 दिन में संस्थाओं को सील करने की चेतावनी दी है। इन संस्थाओं में स्कूल, कॉलेज और एक अस्पताल शामिल है।
शहर के शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में बच्चों और आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ पर नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम ने नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के तहत अनिवार्य फायर सेफ्टी उपकरण न लगाने और फायर एनओसी नहीं लेने वाले 14 स्कूल-कॉलेजों और एक अस्पताल पर प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से 9 लाख 97 हजार 500 रुपये से अधिक का जुर्माना अधिरोपित कर दिया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अग्नि दुर्घटनाओं के बाद अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित संस्थानों को हिदायत दी गई है कि वे 7 दिन में जुर्माने की राशि जमा करें और एमपी ई-नगरपालिका पोर्टल पर फायर प्लान अप्रूवल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करें। यदि निर्धारित समय अवधि में आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित संस्था और भवन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
इन संस्थानों को जारी हुए नोटिस
नगर निगम द्वारा जारी सूची के अनुसार शहर के इन प्रमुख शासकीय और निजी संस्थानों पर जुर्माना लगाते हुए नोटिस थमाया गया है, जिसमे शासकीय तिलक महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी डिग्री कॉलेज, बारडोली महाविद्यालय, बार्डस्ले स्कूल, लाइम सिटी इंटरनेशनल स्कूल, नालंदा स्कूल, सेक्रेड हार्ट स्कूल, विष्णु वेद सरस्वती स्कूल, किड्स केयर स्कूल, अनामिका एकेडमी स्कूल, डायमंड इंग्लिश मीडियम स्कूल, कुंदन दास हायर सेकेण्डरी स्कूल, लाला मथुरा दास शिक्षा समिति, बाबा माधव शाह चिकित्सालय शामिल है।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि हर व्यावसायिक और शैक्षणिक भवन में अग्निशमन सुरक्षा उपाय लागू करना और समय-समय पर फायर ऑडिट कराकर प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। इस संबंध में पूर्व में भी लगातार समाचार पत्रोंए आधिकारिक सूचना पत्रों और विभिन्न माध्यमों से इन संस्थानों को आगाह किया गया था। इसके बावजूद इन संस्थानों ने न तो आवश्यक उपकरण स्थापित किए और न ही फायर ऑडिट कराने की जहमत उठाई। नगर निगम प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति या शॉर्ट सर्किट के दौरान अग्नि सुरक्षा पुख्ता न होना बेहद गंभीर हादसों को न्यौता देता है। मासूम बच्चों और मरीजों की जान को इस तरह जोखिम में नहीं डाला जा सकता। निगम का यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं रहेगाए बल्कि पूरे कटनी शहर में एक सुरक्षितए जिम्मेदार और नियम सम्मत संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक निरंतर चलने वाला सख्त कदम है।





