बेटा भोपाल में ठाट से कर रहा नौकरी , यहां कैंसर पीडि़त मां भटक रही दर-दर: गरीब नवाज कमेटी ने अस्पताल में कराया भर्ती … देखे… वीडियो..

जबलपुर, यशभारत। जिस बेटे को बुढ़ापे के सहारे की लाठी मानकर पाला, उसकी सारी कठनाईयों को दूर कर उसका उज्जवल भविष्य बनाया एक दिन वही अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने लगे तो क्या कहेंगे? कुछ ऐसा ही हुआ है रेलवे स्टेशन में मूंगफली-चना बेचने वाली कैंसर पीडि़त संतोषी बाई के साथ।
40 साल की संतोषी बाई कैंसर से पीडि़त है और शहर में दर-दर भटक रही थी। ज्यादा बारिश होने पर एक दिन संतोषी गरीब नवाज कमेटी के गोसलपुर स्थित रैन बसेरा में पहुंची ,जहां देर सुबह तक वह नहीं उठी, रैन बसेरा में मौजूद अन्य बेसहारा लोगों ने देखा कि संतोषी की संासें चल रही थी लेकिन मुंह बंद था, दर्द से कराह रही थी। वह बोलना चाह रही थी लेकिन मुंह में कैंसर होने के कारण वह अपना मुंह नहीं खोल पा रही थी। इसकी जानकारी गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली को दी गई। इनायत अपने साथी रियाज अली, दीपक निगम, बाबू खान, आबिद बाबा के साथ रैन बसेरा पहुंचे और इलाज के लिए पीडि़त महिला को मेडिकल अस्पताल ले गए। लेकिन मेडिकल के डॉक्टरों ने संतोषी को भर्ती करने से इंकार कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद संतोषी को गरीब नवाज कमेटी सदस्य अपने साथ ले आए और भेड़ाघाट स्थित विराट अस्पताल में उसे भर्ती कराया। गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली ने बताया कि कैंसर पीडि़त महिला के बारे में जानकारी लगी है कि उसका एक बेटा है वह भोपाल में रहता है लेकिन बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि पीडि़ता के मुंह में कैंसर इसलिए वह कुछ बता पाने में अस्मर्थ है।







