बीना यार्ड रीमॉडलिंग से कटनी की ट्रेनें प्रभावित
कई रद्द तो कुछ के बदले रास्ते

बीना यार्ड रीमॉडलिंग से कटनी की ट्रेनें प्रभावित
कई रद्द तो कुछ के बदले रास्ते
तीसरी रेल लाइन के कनेक्शन का काम 15 सितंबर से 24 अक्टूबर तक; कटनी जंक्शन, मुड़वारा और साउथ स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन पर असर, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह
कटनी, यशभारत। बीना-अगासोद के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने और बीना यार्ड के रीमॉडलिंग कार्य का असर कटनी से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ने वाला है। पश्चिम मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे इस काम के कारण 15 सितंबर से 24 अक्टूबर तक अलग-अलग चरणों में ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट, शॉर्ट टर्मिनेट करने के साथ कई ट्रेनों को नियंत्रित और रीशेड्यूल किया जाएगा। इसका सीधा असर कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा और कटनी साउथ से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
बीना में मुख्य नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य 13 से 15 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान उत्तर-दक्षिण और मध्य भारत को जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर परिचालन प्रभावित रहेगा। रीवांचल, गोवा, मंगला लक्षद्वीप, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़, कामायनी और कर्नाटक एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा, जिससे उनके सफर का समय बढ़ सकता है।
कटनी मुड़वारा से जुड़ी कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी। बीना से कटनी मुड़वारा के बीच चलने वाली सेवाओं में रद्दीकरण अथवा आंशिक संचालन किया जाएगा। कुछ स्थानीय ट्रेनों को बीना के बजाय मंडी बामोरा या मकरोनिया तक सीमित किया जाएगा। इसके चलते कटनी क्षेत्र से बीना, सागर और आगे जाने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचना जरूरी होगा।
21 ट्रेनों का बीना में ठहराव घटेगा
प्री-एनआई और एनआई अवधि में करीब 21 ट्रेनों का बीना स्टेशन पर ठहराव 5 से 10 मिनट के बजाय महज 2 मिनट किया गया है। ऐसे में कटनी से इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कनेक्टिंग यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को उनके प्रारंभिक स्टेशन से 2 से 5 घंटे तक रीशेड्यूल किया जाएगा, जबकि परिचालन के दौरान कुछ ट्रेनों को झांसी और भोपाल मंडल में 30 से 90 मिनट तक नियंत्रित किया जा सकता है।
रेलवे ने परिचालन प्रभावित होने के बावजूद ट्रेनों को अनावश्यक रूप से खड़ा रखने से बचने के लिए अतिरिक्त क्रू की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ स्पेयर क्रू रखने को भी कहा गया है। वहीं 20 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बीना-अगासोद होकर विशेष ट्रेनों के संचालन पर भी पूर्व अनुमति की शर्त लगाई गई है।
कटनी के यात्रियों के लिए सबसे अहम यह है कि टिकट और आरक्षण होने मात्र से ट्रेन के निर्धारित समय और मार्ग की पुष्टि नहीं होगी। रेलवे द्वारा जारी बदलावों के अनुसार प्रभावित ट्रेनों की स्थिति यात्रा से पहले जांचना जरूरी होगा। रेलवे को पीआरएस में बदलाव करने, बल्क एसएमएस भेजने तथा स्टेशन उद्घोषणा के जरिए यात्रियों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। कटनी जंक्शन, मुड़वारा और साउथ स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के समय, मार्ग और संचालन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।







