बारिश नहीं झेल पाई करोड़ों की सडक़, कई स्थानों पर धंसी, उखड़ी सतह और बने गड्ढे, चांदा घाटी में पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, हादसे का बढ़ा खतरा

पवई, यशभारत। नगर की वर्षों पुरानी यातायात समस्या के समाधान के लिए करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन 11 किलोमीटर लंबी पवई बाईपास सडक़ पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। जिस सडक़ से नगर को भारी वाहनों के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद थी, उसी सडक़ पर बारिश के बाद कई स्थानों पर धंसावए गड्ढे और सतह उखडऩे जैसी स्थिति सामने आई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी है और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के बाद सडक़ का निरीक्षण करने पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि कई स्थानों पर सडक़ की सतह धंस गई है और गड्ढे बन गए हैं। निर्माण कार्य अभी पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश में सडक़ की यह स्थिति भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका पैदा कर रही है। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती बारिश में ही सडक़ इस तरह क्षतिग्रस्त हो रही है तो आगामी दिनों में लगातार वर्षा के दौरान इसकी हालत और खराब हो सकती है। सबसे अधिक चिंता चांदा घाटी क्षेत्र को लेकर जताई जा रही है। यहां पहाड़ी को काटकर सडक़ बनाई गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर और मलबा सडक़ पर गिर रहा है। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ गई है। यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सडक़ निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। पहाड़ी कटान वाले हिस्से में रिटेनिंग वॉलए सुरक्षा जाली और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी मिट्टी का कटाव कर रहा हैए जिससे सडक़ के धंसने और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि यह बाईपास सडक़ पन्ना-कटनी मुख्य मार्ग पर नगर के भीतर लगने वाले जाम को कम करने और भारी वाहनों की आवाजाही को शहर से बाहर करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था। ऐसे में निर्माणाधीन सडक़ की पहली ही बारिश में सामने आई खामियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग सडक़ के धंसे हुए हिस्सों की तत्काल तकनीकी जांच कराए और गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप मरम्मत सुनिश्चित करे। साथ ही चांदा घाटी क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सुरक्षा दीवार, स्टील वायर जाली और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र कराए जाएं, ताकि सडक़ शुरू होने से पहले ही किसी बड़ी दुर्घटना की नौबत न आए।






