कटनी

प्राईवेट मेडिकल कॉलेज से महंगी होगी शिक्षा, सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग, कटनी एक्शन कमेटी का धरना जारी

कटनी, यशभाारत। कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर कटनी एक्शन कमेटी द्वारा पिछले एक सप्ताह से जारी सत्याग्रह को विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं समाज के प्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने कटनी में पीपीपी मॉडल के बजाय सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग का समर्थन किया। साथ ही कटनी में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज एवं सरकारी लॉ कॉलेज की स्थापना की मांग भी उठाई गई। समर्थन देने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि कटनी जैसे बड़े औद्योगिक एवं खनन जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना समय की आवश्यकता है। उनका कहना था कि पीपीपी मॉडल पर आधारित मेडिकल कॉलेज में इलाज की लागत अधिक होने की आशंका है, जिसका सीधा असर आम जनता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त मेडिकल शिक्षा भी महंगी होने की आशंका है, जिससे साधारण परिवारों के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो सकता है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कटनी के नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना आवश्यक है। इसके साथ ही, जिले के औद्योगिक एवं खनन क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और युवाओं को सस्ती एवं सुलभ कानूनी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकारी लॉ कॉलेज की स्थापना भी की जानी चाहिए।
इन संगठनों ने दिया समर्थन
कटनी एक्शन कमेटी के सत्याग्रह को समर्थन देने वालों में समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, ओबीसी महासभा, भीम आर्मी, बहुजन समाज पार्टी तथा वंशकार समाज के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल रहे। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी की ओर से डॉ ए के खान, संदीप नायक, यदुवेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष विजय पटेल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से दरियाव सिंह, ओबीसी महासभा की ओर से बी के पटेल, बहोरीबंद जनपद पंचायत के अध्यक्ष लाल कुमार बंसल, कांग्रेस नेता देवीदीन गुप्ता, वंशकार समाज के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति भी रही। उपस्थित प्रतिनिधियों ने कटनी के विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

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