कटनी
पहले दिन 28 बने जमीन के मालिक, स्वामित्व योजना : हड़ताल समाप्त होने के बाद काम पर लौटे पटवारी, 9 तहसीलों में एक लाख 5 हजार रजिस्ट्री का जिम्मा 293 पटवारियों को


पीढिय़ों से काबिज लोगों को मिलेगा मालिकाना हक
कटनी जिले में पीढिय़ो से अपने मकान और आबादी भूमि पर रह रहे ग्रामीण परिवारों को अब मालिकाना हक का पक्का कानूनी दस्तावेज मिलने जा रहा है। कटनी जिले में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख 5 हजार 585 निजी संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री की जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से रह रहे परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्रदान करना है।
पंचायत स्तर पर मिलेगी सुविधाएं
योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ रहा है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया का पूरा खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन कर रही है। नागरिकों को किसी रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर ही विशेष शिविर आयोजित कर डीड की जा रही है। यह लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनका नाम पूर्व आयोजित स्वामित्व योजना के सर्वे में स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है। केवल तैयार रिकॉड्र्स को रजिस्ट्री का रूप दिया जा रहा है। हितग्राहियों को पक्की रजिस्ट्री के साथ इसकी डिजिटल कॉपी भी दी जाएगी।
कानूनी दस्तावेज से मजबूत होगी वित्तीय स्थिति
अक्सर लोग प्रॉपर्टी कार्ड और रजिस्ट्री को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है। प्रॉपर्टी कार्ड केवल यह प्रमाणित करता है कि शासकीय सर्वे में संबंधित व्यक्ति का नाम दर्ज है। इसके ठीक विपरीत रजिस्ट्री एक पंजीकृत कानूनी दस्तावेज होता है, जो व्यक्ति के मालिकाना हक को पूर्णत: कानूनी रूप से पक्का और सुरक्षित बनाती है।







